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दिल्ली पुलिस के पास नहीं, ब्लैकमेलिंग से संबंधित कोई आंकड़ा

ब्लैकमेलिंग अब ऐसा कोई अपराध नहीं रहा जिसके बारे में पुलिस या जनता नहीं जानती लेकिन अफसोस ऐसे मामले बढने के बावजूद दिल्ली पुलिस के पास उससे संबन्धित न तो आंकडे़ हैं और न ही उनसे निपटने के लिये कोई कारगर तरीका ।

दिल्ली के गोकुलपुरी में कुछ दिनों पहले एक व्यक्ति ने अपनी परिचित 20 वर्षीय एक लड़की की निर्वस्त्र तस्वीर खींची और उसे ब्लैकमेल कर छह महीने तक उसके साथ बलात्कार किया ।

इसी तरह की एक घटना हाल के दिनों में सुल्तानपुरी में भी हुई जहां एक परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई की कि उनकी 14 वर्षीय लड़की का पड़ोसी ने एमएमएस तैयार कर उसे ब्लैकमेल किया और करीब एक वर्ष तक उसके साथ बलात्कार करता रहा ।

ऐसे तमाम मामले सामने आते रहते हैं लेकिन दिल्ली पुलिस के पास ब्लैकमेलिंग से संबंधित कोई आंकड़ा नहीं है ।

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा, ऐसे जो मामले सामने आते हैं वह ठगी का हुआ, फिरौती का हुआ या किसी अन्य तरह का हुआ तो उसी अनुसार आंकड़ा दर्ज होता है लेकिन ब्लैकमेलिंग के लिए अलग से कोई आंकड़ा नहीं है ।

उन्होंने कहा कि फिरौती, गुप्त दस्तावेजों को उजागर करने की धमकी, जान से मारने की धमकी आदि के लिए ब्लैकमेलिंग को आसान जरिया बनाया जाता है ।

ब्लैकमेलिंग दरअसल फिरौती का ही समकक्ष अपराध है और इसमें तमाम तरह के लोग संलिप्त मिलते हैं। राजनीतिक दल और उसके कार्यकर्ता भी इससे अछूते नहीं हैं।

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