DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुस्लिमों में भी लोकप्रिय है रक्षा बन्धन

नवाबों एवं तहजीब के शहर लखनऊ में भाई बहन के प्यार के बंधन का त्योहार रक्षा बन्धन को मुस्लिमों में भी मनाने का सिलसिला सदियों से चला आ रहा है।

होली-दीपावली-ईद एवं बकरीद की तरह रक्षा बन्धन भी ऐसा त्योहार है जो किसी एक धर्म का त्योहार नही है। इस त्यौहार को सिर्फ हिन्दू ही नहीं मनाते बल्कि मुसलमान भी सदियों से मनाते आ रहे है।

सावन महीने की पूर्णिमा के दिन होने वाले रक्षा बन्धन के पर्व को बहन अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र-राखी बांधती है और उनसे अपनी रक्षा का वचन लेती है।

नवाबी घराने लखनऊ के नवाबजादा तथा अवध के शाही घराने के एडवाइजरी बोर्ड के उपाध्यक्ष सैयद मासूम रजा का कहना है कि उनके जीवन में इस पर्व का महत्व कभी भी कम नही हुआ। वह कहते है कि उन्हे और उनकी बहनों को इस त्यौहार का बडी बेसब्री व बेताबी से इन्तजार रहता है। नवाबजादा सैयद मासूम रजा बताते है कि उनकी दो मुंहबोली बहने भी है जो हिन्दू है मगर इन दोनों का प्यार भी उनके लिए सगी बहनों से कम नही है। चाहे कुछ भी हो जाए यह दोनों बहने उनकी कलाई पर राखी बांधना या सजाना नही भूलती। अगर कसी कारणवश बाहर है तो समय पर राखी भेजकर अपना प्यार जताती है। रक्षा बंधन जैसा त्यौहार उनके लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है जिसका वह वेसब्री से इन्तजार करते है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मुस्लिमों में भी लोकप्रिय है रक्षा बन्धन