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पुलिस की ‘दु:खहरण’ शैली से आहत लोगों को मुख्यमंत्री दिलाते रहे न्याय का भरोसा


पीड़ित को धमकाना महंगा पड़ा सिकहरना के डीएसपी को। सोमवार को जनता दरबार में मो.सिराज के रिश्तेदार की शिकायत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीएसपी के तबादले और उसके खिलाफ कार्यवाही का आदेश दे डाला। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर जनवरी के बाद पहली बार जनता दरबार लगा। विषय पुलिस से जुड़ा था। लिहाजा सात महीनों तक थानों से लेकर एसपी, डीआईजी और आईजी के दफ्तरों का चक्कर काट-काट कर थक चुकी जनता उमड़ पड़ी 1, अणो मार्ग में।

फरियादियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने-अपने क्षेत्र के कानून के रखवालों पर अपराधियों का पक्ष लेने, हत्यारों को छुट्टा छोड़ने और एफआईआर तक दर्ज नहीं करने जैसे आरोपों की बौछार कर दी। पुलिस की ‘दु:खहरण’ शैली से आहत लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न्याय का पक्का भरोसा दिला रहे थे। मो.सिराज की पिछले दिनों हवालात में मौत हो गयी थी।

उसके रिश्तेदारों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की कि डीएसपी लोजपा के एक नेता के इशारे पर देख लेने की धमकी देता है। आरोप सुनकर चकित मुख्यमंत्री ने तत्काल डीजीपी को पास बुलाया और बोले क्या मजाक है, आपका डीएसपी धमकी दे रहा है। उसका तत्काल ट्रांसफर कीजिए और जांच के बाद कार्रवाई भी। कोई वर्दीधारी ऐसे ही किसी को धमकाने लगेगा।

हाजीपुर के चांदपुर की सुरभि कुमारी ने अपने ससुरालवालों पर उसे और उसके पति को जहर देने का आरोप लगाया। सुरभि का कहना था कि इलाज के दौरान पति की मौत हो गयी और पुलिस ने उसे ही हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। छुटने के बाद वह सीधे जनता दरबार में चली आयी। मुख्यमंत्री ने इस मामले को आईजी (सीआईडी) प्रीता वर्मा को सौंप दिया।

हनुमान नगर की वंदना सोनी ने शिकायत की कि उसकी अर्चना सोनी बहन की हत्या दजेश के लिए कर दी गयी। पुलिस उसके पति दीपक के प्रति नरमी बरत रही है। डीजीपी ने यह मामला एसएसपी को सौंप दिया।

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  • Web Title:पीड़ित को धमकाना महंगा पड़ा डीएसपी को