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खुफिया विभाग और पुलिस प्रशासन हुआ सक्रिय

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुण जोशी द्वारा मुख्यमंत्री पर टिप्पणी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था, कि रविवार को प्रदेश अध्यक्ष की सभा में एक पार्षद ने मुख्यमंत्री के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली। अचानक हुए इस वाकये से मंच पर बैठे कांग्रेस नेता और पदाधिकारी हक्के-बक्के रह गए। हालांकि उस समय रीता बहुगुणा सभा में नहीं पहुंची थी।

निगम पार्षद की कड़ी टिप्पणी के बाद खुफिया विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी सक्रिय हो गये। देर शाम तक वे कानून कार्रवाई की रणनीति बनाने में ही जुटे थे। जब इस बारे में पत्रकारों ने रीता बहुगुणा से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके सामने किसी नेता ने ऐसी टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि यह तो ‘बहनजी’ की परम्परा का ही जवाब लगता है। सीएम को भी समाज के सभी बेटी, बहू का सम्मान करना चाहिए।

रविवार को स्थानीय पटेल मंडप में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के सामने सदस्यता ग्रहण का कार्यक्रम था। इसमें कांग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी परवेज हाशमी, विधान परिषद में कांग्रेस नेता नसीप पठान आदि नेताओं को शामिल होना था। तीनों बड़े नेताओं के मंच तक आने से पहले अन्य नेताओं के भाषण चल रहे थे। दोपहर लगभग 12.15 बजे निगम पार्षद जाहिद अंसारी को संबोधन के लिए बुलाया गया।

माइक पकड़ने के साथ ही जाहिद शुरू हो गये और देखते ही देखते मुख्यमंत्री मायावती के प्रति अपमानजनक टिप्पणी कर डाली। मंच और आसपास नेताओं को जैसे सांप सूंघ गया। हालांकि कुछ लोग जाहिद की टिप्पणी पर तालियां बजाने से बाज नहीं आये। जाहिद अभी आगे भी कुछ और कहने जा रहा था कि इसी बीच सूचना आ गई कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य नेता सभा में पहुंच चुके हैं।

जाहिद को माइक से हट जाना पड़ा। वैसे वह इतना कह दिया कि मेरठ 1857 की धरती है और यह धरती.। सभासद की टिप्पणी के बाद मौके पर उपस्थित खुफिया विभाग और पुलिस के अधिकारी तेजी से सक्रिय हुए। कुछ पुलिस वाले जाहिद पर कार्यक्रम के दौरान नजर भी रख रहे थे, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जाहिद का कुछ पता नहीं चला।

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  • Web Title:अब पार्षद ने की सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी