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एक जिले में 19 साल नौकरी कर सकेंगे सिपाही

पुसिकर्मियों के अंगदी पांव अब आसानी से नहीं हिल सकेंगे। शासन ने पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण के मानकों में काफी परिवर्तन किया है। सिपाही अब 19 साल तक एक जिले में नौकरी कर सकते हैं। यानि पूरी नौकरी दो जनपदों में ही पूरी हो सकेगी। सभी कुछ ठीक ठाक रहा तो स्थानांतरण का ज्यादा सिरदर्द नहीं ङोलना होगा।

सूबे में पुलिस महकमे को नए शासनादेश से काफी राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश के पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण के बारे में नई नीति तैयार हुई है। इसके तहत कांस्टेबिलों की एक जिले में तैनाती 19 साल रह सकती है। वहीं, हैड कांस्टेबिल एक ही जनपद में 15 साल तक नौकरी कर सकेंगे। उप निरीक्षकों को 10 साल तक एक जनपद में रहने के शासनादेश हुए हैं।

नए शासनादेश से पुलिसकर्मियों में जबरदस्त खुशी है। इससे पहले कांस्टेबिल एक जनपद में 15 वर्ष नौकरी कर सकता था। हैड कांस्टेबिल के लिए 12 वर्ष और उप निरीक्षक केवल 3 साल तक ही एक जिले में रहता था। बार-बार स्थानांतरण से पुलिसकर्मियों में असंतोष रहता था। बच्चों की पढ़ाई पर इसका प्रतिकूल असर पड़ता था। साथ ही क्राइम कंट्रोल पर भी इसका असर देखा गया। दरअसल, जिस जनपद में जो पुलिसकर्मी जितना अधिक समय रहता है, उसके तार उतने ही गहरे जुड़ जाते हैं।

अपराधियों के बारे में पता लगाने में उसे आसानी रहती है। मुखबिर तंत्र भी उसी का मजबूत होता है। पुलिस महकमे में नए शासनादेश की खुशी खूब देखने को मिल रही है। खासतौर पर ऐसे पुलिसकर्मी फूले नहीं समा रहे, जिनके स्थानांतरण का समय आ रहा था।

निर्धारित समयावधि एक जिले में होने वाली थी। एक कांस्टेबिल अपनी पूरी नौकरी को दो जनपदों में ही पूरी कर सकता है। शासनादेश की प्रति पाने के लिए पुलिसकर्मी परेशान हैं। कुछ जनपदों में शासनादेश आ गया है। जबकि कुछ जगह पर अभी इसकी प्रति पहुंच नहीं सकी है।

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  • Web Title:अब नहीं हिलेंगे पुलिसकर्मियों के अंगदी पांव