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बागमती तटबंध पर कटाव का नीतीश ने लिया जायजा

 राज्य का बड़ा इलाका किसी भी पल सूखाग्रस्त घोषित कर दिया जायेगा। इसके लिए सरकार ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों को 7-8 अगस्त तक सर्वदलीय बैठक करके सूखे की स्थिति पर रिपोर्ट पेश करने का फरमान जारी कर दिया है।रविवार को बागमती तटबंध पर कटाव से सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में बाढ़ का जायजा लेकर लौटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बाढ़ जैसी हालत तो खास इलाके तक सीमित है।

प्रभावित परिवारों को एक-एक क्विंटल अनाज और दो-दो सौ रुपये नकद दिये जायेंगे। लेकिन हमारे सामने असली चुनौती सूखे की है। बिहार लगातार सूखा संकट की तरफ बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को जल संसाधन मंत्री अपने अफसरों और इंजीनियरों के साथ कटाव वाले इलाके का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। मैंने वहां ‘कुछ’ देखा है। उसकी इंजीनियरों के साथ तटबंध कैसे टूटा, इसकी जांच हो रही है। किसी स्थानीय अधिकारी ने जरूर कुछ बात कह दी है लेकिन हम उसका संज्ञान नहीं लेते। हमारे लिये जांच रिपोर्ट ही महत्वपूर्ण है। उसमें जो तथ्य सामने आयेगा उसी आधार पर कार्रवाई होगी।

फिलहाल प्रभावित इलाके में नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स और स्थानीय प्रशासन मिलकर बचाव और राहत कार्य चला रहे हैं। हालांकि एयर ड्रॉपिंग जैसे हालत नहीं हैं। लोग गांवों से निकलने को तैयार नहीं है। इसलिए जिला प्रशासन को प्रभावित गांवों में नाव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। कटावस्थल पर फिलहाल पानी घट रहा है। नेपाल में भारी वर्षा की वजह से उत्तर बिहार की नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसलिए हालात की बारीकी से निगरानी हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने डीजल सब्सिडी पर मदद की पेशकश की है। सूखा संकट पर प्रधानमंत्री ने भी 8 अगस्त को दिल्ली में बैठक बुलाई है जिसमें मुख्य सचिव अनूप मुखर्जी हिस्सा लेंगे।

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  • Web Title:बिहार पर सूखा संकट गहराया