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अब तो जनता ही पढ़ाएगी गीता

रायबरेली के दौर पर निकलीं प्रियंका गांधी वढेरा ने मंगलवार को कहा- ‘मैं इस लायक नहीं कि किसी को गीता पढ़ा सकूँ। जनता खुद ही ऐसे लोगों को गीता पढ़ा देगी।’ उन्होंने यह भी साफ किया कि यह निजी नहीं बल्कि उसूलों और सिद्धांतों का मामला है। प्रियंका ने कहा- ‘रायबरली इंदिरा जी की कर्मभूमि और मेरी धर्मभूमि है। मेरी प्राथमिकता कांग्रेस नहीं मेरी माँ और भाई हैं। उन्हीं के लिए प्रचार करने रायबरली-अमेठी आती हूँ।’ड्ढr ड्ढr भड़काऊ भाषण देने पर प्रियंका ने सोमवार को चचेर भाई वरुण को गीता पढ़ने की सलाह दी थी। भाजपा ने कल ही प्रतिक्रिया दी थी कि प्रियंका पहले खुद गीता पढ़ें, फिर दूसर को नसीहत दें। ऊँचाहार में प्रियंका कार्यकर्ताओं से मिलीं। बातचीत में कहा-‘मैं किसी को धर्म नहीं सिखा सकती। धर्म किसी की जागीर नहीं है। जिसके दिल में ईमानदारी और सच्चाई होती है, वही व्यक्ित धार्मिक है। हमारी संस्कृति भी इसी धर्म पर आधारित है।’ प्रियंका दूसर दिन ऊँचाहार, सदर विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद राहुल के क्षेत्र अमेठी चली गईं।ड्ढr ड्ढr वोटों का ग्राफ बढ़ाने पर जोर देते हुए प्रियंका ने कहा कि असली चुनाव, बूथ कार्यकर्ता लड़ता है। चुनाव में जीत भी कार्यकर्ता की ही होती है। सदर क्षेत्र में प्रियंका ने कहा कि रायबरली से हमारा पारिवारिक नाता है। रायबरली में वोट माँगूँगी तो सब हँसेंगे। लेकिन चुनाव, चुनाव होता है। जीत पक्की मानकर चुप नहीं बैठना है। इस बार 80 से 85 प्रतिशत मतदान कराने के लिए आप सबको जुट जाना चाहिए। आज शिकायत की बारी खुद प्रियंका की थी। बोलीं- पिछली बार नामांकन में अमेठी की अपेक्षा रायबरली में उत्साह कम दिखा था। सोनिया जी छह अप्रैल को पर्चा भरेंगी। इस बार नामांकन में ही पूरी ताकत दिखा देनी है। कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर सोनिया के चुनाव में अभी से जी-ाान से जुटने का संकल्प प्रियंका के सामने ही व्यक्त किया। वर्करों के इस जोश पर प्रियंका काफी प्रफुल्लित दिखीं।

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