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31 मार्च, 2020|11:28|IST

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आम लोगों का हथियार बनी आरटीआई : रचना

उत्तराखंड की पूर्व अतिरिक्त एडवोकेट जनरल रचना श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम आम लोगों के लिए सच्चई जानने का हथियार बन गया है। पर जरूरत इसको और अधिक प्रभावी बनाने की है। सूचना अधिकार पर आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि इस लड़ाई में अधिवक्ताओं को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
अधिवक्ता परिषद के स्थापना दिवस पर शनिवार को आरडीसी राजनगर स्थित कृष्णा सागर में सूचना अधिकार पर सेमिनार आयोजित हुई।

मुख्य वक्ता पूर्व अतिरिक्त एडवोकेट जनरल रचना श्रीवास्तव ने कहा कि भ्रष्टाचार की तह तक जाने में सूचना का अधिकार अधिनियम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत सहित 48 देशों में आरटीआई एक्ट काम कर रहा है। भारत में देर से ही सही इसकी शुरूआत हो गई है। मगर इसको जन-जन तक पहुंचाने के लिए बहुत काम किया जाना बाकी है। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण एच पारिख ने कहा कि आरटीआई को प्रभावी बनाने के लिए अधिवक्ताओं को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। सेमिनार की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वी शेखर ने की। वरिष्ठ अधिवक्ता केपी सिंह ने सूचना अधिकार के आड़े आने वाली समस्याओं को सामने रखा और कहा कि इनके बारे में एक्ट पूरी तरह मौन है। इसलिए इनका हल खोजा जाना चाहिए। संचालन परिषद के महामंत्री राजीव गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में परिषद के अध्यक्ष दर्शनानंद गौड़, बुद्धप्रकाश त्यागी, प्रमोद शर्मा, जगप्रकाश तोमर, सुबोध त्यागी, जय सिंह, उदयवीर सिंह, सेवाराम शर्मा, नैपाल सिंह शिशोदिया, श्रीचंद छाबड़ी, सुभाषचंद्र बंसल, विजयपाल राठी, अजय गर्ग आदि मौजूद थे।
कुलदीप त्यागी

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