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दस लाख में से चार नोट ही होते हैं जाली

दस लाख में से चार नोट ही होते हैं जाली

संदेहों, आशंकाओं व दुविधाओं के बीच आरबीआई ने साफ किया कि बाजार में दस लाख नोटों में से मात्र चार नोट ही नकली होते हैं। विज्ञप्ति में आरबीआई ने कहा कि मीडिया में नायक समिति की रिपोर्ट के आधार पर जाली नोटों पर गलत आकलन किया गया है।

यह किसी सर्वेक्षण का खुलासा नहीं है, बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का आंकड़ा है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, 2007-08 में दस लाख नोटों में से औसतन चार नोट जाली पाए गए। आरबीआई की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय बैंक और बैंकिंग तंत्र को 2007-08 में छानबीन में चलन में मौजूद 10 लाख नोटों में से चार नोट ही नकली थे।

विज्ञप्ति के अनुसार, उस दौरान चलन में 4,422.5 करोड़ नोट थे। इनमें से 1,95,811 नोट जाली थे। आरबीआई ने कहा है कि कुछ मीडिया खबरों में नायक समिति की रिपोर्ट के आधार पर जाली नोटों के बारे में गलत तरीके से आकलन किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि किसी भी एजेंसी के पास जाली नोटों से संबंधित आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

केंद्रीय बैंक ने कहा है कि 1988 में गठित की गई नायक समिति ने जाली नोटों के बारे में कोई अध्ययन नहीं किया है और न ही बाजार में इस तरह के नोटों की मौजूदगी के बारे में कोई आंकड़ा दिया है।

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