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कल से लेकर आजतक की प्यार का सफर: लव आज कल

कल से लेकर आजतक की प्यार का सफर: लव आज कल

सितारे : सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण, ऋषि कपूर और राहुल खन्ना
निर्माता : सैफ अली खान और दिनेश विजन
बैनर :    इल्युमिनाती फिल्म्स और ईरोज इंटरनेशनल
निर्देशक : इम्तियाज अली  
गीत :  इरशाद कामिल
संगीत : प्रीतम चक्रवर्ती
कॉस्ट्यूम डिजाइनर : अनीता श्रॉफ अदजानिया और डॉली अहलूवालिया
कहानी : लंदन में रहने वाले जय (सैफ अली खान) और मीरा (दीपिका पादुकोण) एक दूसरे से प्यार करते हैं। किन्हीं कारणों से दोनों हंसी खुशी एक-दूसरे से अलग होने का फैसला लेते हैं। मीरा लंदन छोड़ दिल्ली आ जाती है। यह बात जब वीर (ऋषि कपूर) को पता चलती है तो वह उसे अपनी प्रेम कहानी सुनाता है। वीर एक जमाने में (1965 में) हरलीन को चाहता था। वीर का प्यार जय की तरह नहीं था, जो बात-बात में नाप-तोल जैसा हिसाब रखता हो। वीर की बातें जय के गले नहीं उतरतीं। बावजूद इसके वह वीर के कहने पर मीरा से मिलने दिल्ली आ जाता है। उसे पता चलता है कि मीरा और विक्रम (राहुल खन्ना) शादी करने वाले हैं। लंदन वापस लौटते ही जय को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए सेन फ्रांसिस्को जाना पड़ता है। इधर, शादी के बाद मीरा को अहसास होता है कि उसके दिल में जय अभी भी जिंदा है। तो उधर, जय भी इस बात को समझ जाता है कि मीरा के बिना वह नहीं रह सकता। लेकिन बहुत देर हो चुकी होती है। 

निर्देशन : आज के लव सिनेरियो को कल के लव से जोड़ने की मुश्किल कला इम्तियाज अली ने कुछ ऐसी बुनी है कि सीधे दिल पर चोट करती है। ‘जब वी मेट’ की कामयाबी के बोझ से निजात पाना इतना आसान न होगा, शायद इसलिए इम्तियाज ने एक ऐसी प्रेम कहानी को पेश किया, जो केवल प्रेमी युगल दर्शकों तक ही सीमित न रह जाए। फैमिली एंटरटेनमेंट के नाम पर उन्होंने तमाम वो इनपुट फिल्म में डाले हैं, जो एक कमर्शियल फिल्म के लिए जरूरी होते हैं। जैसे देसी फ्यूजन के साथ पॉप-रॉक संगीत, प्रेमी-प्रेमिका के बीच चुहलबाजी से लेकर ‘जानेमन’ जैसे जुमले, सैफ का सिख गैटअप, वीर और हरलीन का हीर-रांझ वाला प्यार आदि। पर इम्तियाज के निर्देशन की खासियत सैफ के उन दृश्यों में दिखती है, जब वह बेबस होकर वीर से बात करता है, जब जय मीरा की शादी वाले दिन खुद को संभला हुआ होने की बात कहता है, जब मीरा को जय के सेन फ्रांसिस्को जाने की बात पता चलती है। 

अभिनय : एक्टिंग के लिहाज से सैफ और दीपिका के लिए यह फिल्म मील का पत्थर साबित होगी। दोनों की ऑन स्क्रीन कैमिस्ट्री फस्र्ट रेट है। दोनों ने कई दृश्यों में एक-दूसरे को बीट भी किया है। सैफ ने अगर मीरा की शादी वाले दृश्य में बाजी मारी तो दीपिका ने जय की वापसी पर आंखें नम कर दीं। ऋषि कपूर लाजवाब रहे और राहुल खन्ना भी ठीकठाक।   

गीत-संगीत : आशाओं पर खरा उतरना प्रीतम के लिए भी जरूरी था, क्योंकि ‘जब वी मेट’ का संगीत लोगों के जेहन में आज भी ताजा है। नागिन की धुन को इंडी पॉप, रॉक, हिप हॉप तथा रेग्गे की थाली में परोसकर प्रीतम चक्रवर्ती ने इम्तियाज को पहले ही सेफ कर दिया। यानी फिल्म का एक प्लस प्वॉइंट इसका संगीत भी है। पब्लिक ‘आहूं आहूं’,  ‘ट्विस्ट’, ‘चोर बाजारी’ बीट्स बेस्ड गीतों पर जोरदार रेस्पांस करती दिखी।  

क्या है खास : कई जगह जय के सामने वीर की प्रेम कहानी भारी पड़ती है। यह दर्शाना कि लैला-मजनूं और हीर-रांझा का प्यार कहीं नहीं मरा। वह कल की तरह आज भी जिंदा है। सैफ का अंत में अपने ही डायलॉग को दूसरी तरह से दोहराना। इसके अलावा फिल्मांकन, कोरियोग्राफी, सैफ और दीपिका की ड्रेस डिजाइन और स्टाइलिंग के साथ काफी कुछ।
क्या है बकवास : कई जगह जय की प्रेम कहानी के साथ वीर के फ्लैशबैक के तालमेल में कमी अखरती है।
पंचलाइन : बीते कल की और आज की लव स्टोरी, वो भी एक फ्रेश आइडिया के साथ

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  • Web Title: लव आज कल