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कहा-बातें बहुत हो चुकीं अब काम करने का समय

 राज्य के नए डीजीपी के रूप में आनंद शंकर ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण कर लिया। श्री शंकर राज्य के 46 वें पुलिस प्रमुख हैं। रात करीब 8 बजकर 10 मिनट पर श्री शंकर ने पदभार ग्रहण करने की औपचारिकाएं पूरी कीं। डीजीपी बनने के बाद मीडिया से मुखातिब श्री शंकर ने दो टूक कहा कि बातें बहुत हो चुकीं अब काम करने का वक्त है।

उन्होंने कहा कि डीजीपी की जिम्मेवारी संभालने से पहले बीते दो-तीन दिनों में वे बहुत कुछ कह चुके हैं। उनकी प्राथमिकताएं क्या होंगी इसपर उन्होंने कहा कि हम अपने कार्यकलाप से जनता का विश्वास जीतना चाहेंगे। जहां कहीं भी जनता को यह लगता है कि न्याय नहीं हो रहा है तो वह हमारे पास आ सकती है।

उन्होंने कहा कि जो भी चुनौतियां होंगी उसका पूरी दक्षता और सावधानी से सामना करेंगे। इस सवाल पर कि उन्होंने यह कहा है पुलिस कर्मियों को अपने वेतन पर ही संतोष करना होगा और गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, श्री शंकर ने कहा कि इस सिलसिले में शनिवार को सभी वरीय पुलिस पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गयी है। बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा होगी।

नया सिस्टम डेवलप करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। श्री शंकर के पदभार ग्रहण करने के दौरान पुलिस मुख्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जोनल आईजी और डीआईजी भी मौजूद थे। मुख्यालय पहुंचते ही श्री शंकर कुछ पल के लिए डीजीपी कक्ष में अकेले ही रहे। उसके बाद उन्होंने दरवाजा खोला। कागजी औपचारिकता पूरी करने के पहले टेबुल पर उन्होंने राधा-कृष्ण की तस्वीर रखी।

कक्ष के एक कोने में  अगरबत्ती भी जल रही थी। पदभार ग्रहण करने के खास समय पर ज्योतिषियों का मानना है कि डीजीपी ने कुभ्भ लग्न में पदभार ग्रहण किया है। कुम्भ लग्न स्थिर लग्न माना जाता है और इसमें पदभार ग्रहण करने के पीछे यह मान्यता है कि पद भी स्थिर रहता है। साथ ही अनुराधा नक्षत्र भी चल रहा था। नए काम की शुरूआत के लिए यह बेहतर समय माना गया है।

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  • Web Title:नए डीजीपी के रूप में आनंद शंकर ने संभाली जिम्मेवारी