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किसी ने इंसपेक्टर तो किसी ने किसान बताया

उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद शायद आज जीवित होते तो उन्हें खुद पर हंसी ही आती। उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही में रहने वाले अधिकांश स्कूली बच्चों को प्रेमचंद के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कोई उन्हें इंसपेक्टर तो कोई किसान बता रहा था। बच्चों ने बताया कि मुंशी प्रेमचंद कविता लिखा करते थे। किसी ने कहा कि वह गुल्ली डंडा खेलते थे।

हमने बच्चों से पूछा-यहां क्या हो रहा है? हाईस्कूल में पढ़ने वाला जुनैद बोला- बड़े आदमी थे, लमही की कहानी लिखी और लमही फेमस हो गया। वेद प्रकाश के अनुसार, प्रेमचंद बैल चराते थे और अच्छी कविता लिखते थे। 12 वर्षीय अभिषेक बोला- हमें नहीं पता। नौवीं का छात्र जितेन्द्र विश्वकर्मा बोला- प्रेमचंद कविता लिखते थे। छठीं के छात्र सबी ने मुंशी प्रेमचंद को किसान बताया।

आठवीं का छात्र जुगनू ने सकुचाते हुए कहा- हमें उनके बारे में कुछ पता नहीं। मो. राजू ने कहा- प्रेमचंद गुल्ली डंडा खेलते थे। वीरेन्द्र बहादुर ने कहा- वह इसी गांव में रहते थे। सूरज प्रजापति से जब पूछा गया कि आज क्या है, वह तपाक से बोला आज गांधीजी की जयंती है। अतुल राजभर ने बताया कि खेल के बारे में वह किताब लिखा करते थे।

नौवीं का छात्र सुजीत कुमार बोला- वह सब इंस्पेक्टर थे। इसी तरह विवेकानंद को उनके बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी। आठवीं के रामआसरे को यह पता था कि आज नाटक है, लेकिन उसे प्रेमचंद के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। खास यह कि सिर्फ बच्चों की ही नहीं गांव के कई बड़ों को भी उपन्यास सम्राट के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं थी।

कुछेक जानते हैं कि मुंशी प्रेमचंद हिन्दी के बड़े लेखक थे। गांव में कई लोग ऐसे भी मिले जो प्रेमचंद के बारे में बता नहीं सके। कार्यक्रम स्थल पर शामियाने में लगाई कुर्सियों पर बैठी महिलाओं में से एक का जवाब था कि हेडमास्टर थे, किताब लिखते थे। दूसरी बोली, अंग्रेजों से लड़े थे, स्वतंत्रता सेनानी थे।

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  • Web Title:बच्चों को पता नहीं कि कौन थे मुंशी प्रेमचंद?