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ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करेगा इंटेक

इंडियन नेशनल ट्रस्ट फार आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) ने प्रशासन को सलाह दी है कि कलेक्ट्रेट की ऐतिहासिक इमारत को न तोड़ा जाए। इस धरोहर को संरक्षित रखने के लिए उसने कार्य योजना बनाने का निर्णय लिया है। इसे म्युजियम के रूप में विकसित किया जाएगा। इंटेक के प्रोग्राम डायरेक्टर दिव्य गुप्ता की सलाह से कलेक्टर एके उपाध्याय सहमत हैं। इस सिलसिले में शीघ्र ही प्रदेश के प्रमुख सचिव से वार्ता की जाएगी। 

कलेक्ट्रेट की वर्षो पुरानी इमारत को तोड़कर नया भवन बनाने की योजना है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने करीब सात करोड़ रुपये स्वीकृत किया है। अगले महीने ही कार्य शुरू होना है। इस सूचना पर इंटेक के प्रोग्राम डायरेक्टर दिव्य गुप्ता ने इमारत का इतिहास खंगाला।

बताया कि कलेक्ट्रेट की इमारत वर्ष 1822 में बनी थी। महान आर्किटेक्ट जेम्स प्रिंसेप ने इसका नक्शा बनाया था। यह इमारत कई मामले में अनोखी है। इसमें बने प्रशासनिक अधिकारियों के कोर्ट पुराने जमाने के समय के हैं। उन्होंने किसी अन्य स्थान पर कलेक्ट्रेट भवन बनाने का आग्रह किया है।

इंटेक के प्रोग्राम डायरेक्टर ने वीडीए उपाध्यक्ष आरपी गोस्वामी को चिट्ठी लिखकर आग्रह किया है कि प्रशासनिक अफसरों से वार्ता कर ऐतिहासिक इमारत को बचाएं। श्री गुप्ता ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि अगर प्रशासन सहमत हुआ तो जेएनएनयूआरएम के तहत इस इमारत को संरक्षित किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि गुरुवार को ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए इंटेक द्वारा आयोजित पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था। कमिश्नर सुरेश चंद्रा और डीएम एके उपाध्याय ऐतिहासिक इमारत को बचाने और संरक्षित करने के प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं।

वीडीए के उपाध्यक्ष आरपी गोस्वामी ने बताया कि ऐतिहासिक इमारत को संरक्षित करने के संबंध में प्रमुख सचिव से वार्ता की जाएगी।

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  • Web Title:नहीं तोड़ी जाएगी कलेक्ट्रेट की इमारत!