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सीएमओ को पत्र भेजा,रिपोर्ट से लेना-देना नहीं

एक माह का वेतन काटे जाने के मु्द्दे पर सीएमओ और नगर स्वास्थ्य अधिकारी में ठन गई है। सीएमओ द्वारा वेतन काटे जाने के मुद्दे को नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने गलत बताते हुए इस मसले पर कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाने का मन बनाया है। शुक्रवार को सीएमओ को भेजे पत्र में उन्होनें कड़ी आपत्ति जताई तथा बेवजह ही उनके द्वारा उठाए गए इस कदम को गैर जिम्मेदाराना करार दिया है।

स्वास्थ्य अधिकारी डा.एसडी शर्मा ने बताया कि सीएमओ के हवाले से निगम के स्वास्थ्य विभाग पर दो मामलों में रिपोर्ट न भेजने का आरोप लगाया है। इसके एवज में उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी का एक माह का वेतन रोके जाने की बात कही है। जो कि सरासर अनुचित है। डा.शर्मा ने कहा कि उन दोनों बिन्दुओं से निगम का कोई लेना-देना नहीं है। दोनों मामले सीएमओ के अधीनस्थ प्रभारी डाक्टरों से संबंधित है। लिहाजा रिपोर्ट भी संबंधित विभाग के प्रभारी अधिकारियों से मांगी जानी चाहिए। उनसे निगम का कोई लेना-देना नही है।


नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने पत्र भेजकर साफ किया है कि मलेरिया दवाईयों के छिड़काव से संबंधित रिपोर्ट मलेरिया विभाग के प्रभारी अधिकारी देंगे। जोकि उन्हीं के अधीन है। मलेरिया दवाई के छिड़काव से संबंधित रिपोर्ट से निगम के स्वास्थ्य विभाग का कुछ भी लेना-देना नहीं है।


दूसरी रिपोर्ट खाद्य पदार्थों के नूमनों की रिपोर्ट से संबंधित है। इस संबंध में डा. शर्मा का कहना है सैंपल लेने का काम अब स्वास्थ्य विभाग ही फूड इंस्पेक्टरों से कराता है फिर इस संबंध में रिपोर्ट देने का काम डा.स्नेहलता के अधीन है। वह भी सीएमओ के अधीनस्थ डाक्टर है। स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि सीएमओ जैसे जिम्मेदार पद पर रहकर डा.एके धवन ने उनके एक माह का वेतन रोकने का आदेश देकर ज्यादती की है। जरूरत हुआ तो इसके खिलाफ कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा सकते हैं।

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