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बंदरगाहों पर सड़ी रहीं दालें, मंत्री बेखबर

बंदरगाहों पर सड़ी रहीं दालें, मंत्री बेखबर

दाल की कीमतें जहां आसमान छू रही हैं वहीं देश के विभिन्न बंदरगाहों पर लाखों टन चीनी और दालें बेकार पड़ी हैं जिनकी खुदरा बाजार में कीमत 1 600 करोड़ रुपए है। कृषि और खाद्य मंत्री शरद पवार ने इस बारे में कोई जानकारी होने से इन्कार किया है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रमुख बंदरगाहों पर 6.19 लाख टन दाल और कच्ची चीनी के विशाल भंडार रुके पड़े हैं क्योंकि इनका आयात करने वाली सरकारी कंपनियों ने या तो माल नहीं उठाया है या फिर निरीक्षकों की कमी के कारण उनकी गुणवत्ता का प्रमाण पत्र नहीं जारी किया जा सका है।

 इस घटना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि यह साफ नहीं है कि क्या ये दालें और चीनी खाने योग्य बची हैं या नहीं। कृषि एवं खाद्य मंत्री पवार से शुक्रवार को जब इस आशय की खबरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा मुझे नहीं पता।

सरकार पर जब पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से दाल के भंडार पर हमले हो रहे हैं ऐसे समय में सड़ रहे जिंसों के भंडार से चिंतित मंत्रिमंडल सचिव तुरंत कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालय पर जोर डाल रहे हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि म्यांमार जैसे देशों से आयातित कम से कम 1.36 लाख टन दाल और 4.83 लाख टन कच्ची चीनी पिछले दो महीने से कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, कांडला और कोच्चि बंदरगाहों पर सड़ रही है। अधिकारी ने कहा कि आयातित दालों में अरहर, मूंग, उड़द, मसूर और मटर शामिल हैं।

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