DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

महिला कुली के लिए सहनशक्ति परीक्षा से विवाद

भारतीय रेल ने महिलओं को बतौर कुली पहली बार काम करने की अनुमति दी है लेकिन महिला और बाल कल्याण मंत्रलय द्वारा शुक्रवार को  इस पर आपत्ति किये जाने से विवाद खड़ा हो गया। क्योंकि इनमें वे गर्भवती महिलाएं भी थीं। जिन्हें कुली का लाइसेंस हासिल करने के लिए अपने सिर पर भारी वजन लेकर दौड़ना पड़ा ।
    

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश दत्ता वाजपेयी ने शुक्रवार को कहा कि पहले चरण के तहत कल उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल ने कुली पद के लिए शारीरिक सहनशक्ति परीक्षा आयोजित की थी। जिसमें 19 महिलाएं शामिल हुई ।


 उन्होंने बताया कि शारीरिक सहनशक्ति परीक्षा में महिलाओं के लिए 25 किलोग्राम भार उठाकर चार मिनट में 200 मीटर की दूरी तय करना निर्धारित किया गया था। महिलाओं और पुएषों के लिए भार और दूरी तो एक समान थी लेकिन महिलाओं को समय सीमा में एक मिनट की छूट दी गयी थी ।
    

इन तरीकों पर अस्वीकृति जताते हुए केंद्रीय महिला और बाल कल्याण मंत्री कष्णा तीरथ ने कहा कि  रेलवे के मंडल कार्यालय से परीक्षा की रिपोर्ट मांगी गयी है ।
    

संसद के बाहर महिला और बाल कल्याण मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, गर्भवती महिलाओं की कुली की नियुक्ति में शामिल होने की प्रक्रिया के बारे में रेलवे के मंडल कार्यालाय से विस्तृत विवरण मांगा गया है।
    

परीक्षा में गर्भवती महिलाओं के भी शामिल होने के बारे में रेलवे अधिकारी ने बताया,  महिलाओं के सहनशक्ति परीक्षण से पहले हमारे चिकित्सकों ने सभी उम्मीदवारों की जांच की थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:महिला कुली के लिए सहनशक्ति परीक्षा से विवाद