DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ईंट में आग लगा रहा मुजफ्फरपुर

ईंट की कीमत में मुजफ्फरपुर आग लगा रहा है। जिले में 4800 से 5200 रुपये प्रति हजार की दर पर ईंट बिक रही है, जबकि सीमावर्ती पूर्वी चम्पारण में कीमत अबभी 3500 से 4000 रुपये प्रति हजार है। इस वर्ष देर से बरसात आयी और चिमनी मालिकों ने जमकर ईंट तैयार किया। इसके बावजूद घटने के बजाय कीमत आसमान छू रही हैं।

सरकारी योजनाओं के लिए ईंट की दर 3365 रुपये प्रति हजार है। भवन निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता पीएन ठाकुर कहते हैं कि ईंट की कीमत बढ़ने से योजनाओं का भट्ठा बैठ गया। राष्ट्रीय सम विकास की योजनाएं पड़ी रह गईं। कीमत बढ़ाने के खेल का खुलासा करते हुए एक चिमनी मालिक ने बताया कि खास ब्रांड की मांग करने वाले से 5200 रुपये, परिचित से 5000 रुपये तथा दूसरी चिमनी की ओर खिसक रहे ग्राहक से 4800 रुपये प्रति हजार कीमत ली जाती है।

उधर पूर्वी चम्पारण के बंजरिया प्रखंड की प्रमुख के पुत्र एवं चिमनी व्यवसायी चमन कुमार ने बताया कि वहां 3600 से 4000 रुपये प्रति हजार की दर पर ईंट बिक रही है। मुजफ्फरपुर में कुढ़नी प्रखंड के रत्नौली निवासी विनोद कुमार प्रति हजार पांच हजार रुपये कीमत बताते हैं।

चमन ने बताया कि कोयला प्रति टन 2300 रुपये से बढ़कर 6000 रुपये, मजदूरी प्रति हजार 150 से बढ़कर 350 रुपये तथा मिट्टी 4000 रुपये प्रति कट्ठा (ढाई से तीन फिट मिट्टी)से बढ़कर 12000 रुपये प्रति कट्ठा हो गयी। इं. पीएन ठाकुर ने बताया कि चिमनी वाले जिस दर पर बेचते हैं, उसका कोटेशन नहीं दे रहे हैं। इससे ईंट की सरकारी दर का पुनर्निधारण नहीं हो पाएगा।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ईंट में आग लगा रहा मुजफ्फरपुर