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सर्टिफिकेटों की जांच अधूरी रहने से टूटी उम्मीद

 नियुक्ति पत्र की टकटकी लगाये शिक्षक अभ्यर्थियों की इंतजार की घड़ी फिर लंबी हो गई। प्रमाणपत्रों की जांच पूरा नहीं होने से भर्ती की गाड़ी अटकी हुई है। जुलाई में प्लस-टू शिक्षकों के बीच नियुक्ति पत्र बंटने की बनी उम्मीद भी जाती रही। जिले में अब भी लगभग 40 फीसदी सर्टिफिकेटों की जांच बाकी है।

जांच के लिए मुख्यालय भेजे गये राज्य के बाहर वाले सर्टिफिकेटों पर भी अभी प्रामाणिकता की मुहर नहीं लग सकी है। ऐसे में, महकमे के अधिकारियों का मानना है कि अभी भर्ती शुरू होने में लगभग दो महीने और लग सकते हैं। उल्लेखनीय है कि माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक के शिक्षक अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेटों की जांच 20 जुलाई तक पूरा करने का निर्देश मानव संसाधन विकास विभाग ने दिया था।

लेकिन, डेडलाइन फेल हो गया। इन-स्टेट सर्टिफिकेटों की जांच में विश्वविद्यालयों, बोर्ड की उदासीनता नियोजन कोषांगों को हलकान किए हुए है। वहीं, मुख्यालय भेजी गई सर्टिफिकेटों की जांच की स्थिति जिले के कोषांगों को नहीं मिल पा रही है। समेकित रूप से लगभग 6 हजार प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही जिले में 2797 शिक्षकों के नियोजन का रास्ता साफ हो सकेगा।

जिला नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी अनुसार अभी इन-स्टेट की 60 फीसदी सर्टिफिकेटों की ही जांच हो सकी है। विभागीय निर्देश के अनुसार प्रमाण पत्रों के सत्यापन बिना कोई भी कोषांग नियुक्ति पत्र बांटने का अधिकारी नहीं होगा। नतीजतन, सत्र शुरू होने के बावजूद  प्लस-टू स्कूलों को नये शिक्षकों की सेवा नहीं मिलने की आशंका फिलहाल गहरा गई है। सरकार पहले इन स्कूलों के लिए ही शिक्षक भर्ती करने की योजना बना रखी है, लेकिन..।

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  • Web Title:शिक्षक भर्ती : फिर लंबी हुई इंतजार की घड़ी