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स्थानांतरण मुद्दे पर आला अफसरों में जारी टसल का पटाक्षेप नहीं

प्रमंडल के शिक्षा महकमे में लिपिकों के सामूहिक स्थानांतरण को लेकर आला अफसरों में जारी टसल का पटाक्षेप अभी नहीं हो सका है। इधर, निदेशक स्तर से गठित जांच टीम के अबतक नहीं आने का निहितार्थ भी कई रूप में निकलने लगा है। चर्चा यही कि सारा मामला फिर से कहीं ठंडे बस्ते में चला न चला जाए।

अलग-अलग मोर्चो पर बड़े-बड़े धुरंधर लगातार पटना में अपनी मुहिम चला रहे हैं। स्थानांतरण की गाड़ी लाल और हरी झंडी के बीच फंसी है। आरडीडीई सुरेश चौधरी का मानना है कि उन्होंने सरकारी आदेश व स्थापना समिति के निर्णय के आलोक में ही वर्षो से एक ही जगह जमे 119 लिपिकों का स्थानांतरण किया है। उसे निरस्त करने के निदेशक के निर्देश के विरुद्ध सरकार व प्रधान सचिव से की गयी अपील अपने तर्को पर खड़ा उतरेगा।

इधर, 6 दिनों में भी जांच टीम के नहीं पहुंचने पर स्थिति को स्पष्ट करते हुए शिक्षा निदेशक भृगुनाथ उपाध्याय ने कहा कि विधान मंडल की कार्यवाही चलने के कारण जांच अधिकारी मुजफ्फरपुर नहीं जा सके हैं। स्थानांतरण में बरती की गई अनियमितता की जांच हर हाल में होगी। उन्होंने बताया कि विधान मंडल की कार्यवाही खत्म होते ही जांच टीम रवाना होगी।

इधर, मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिमी चम्पारण के शिक्षा कार्यालयों में निदेशक के आदेश को आधार मानकर स्थानांतरित लिपिक पुराने स्थानों पर योगदान के लिए लगतार पसीना बहा रहे है। मामले में, मुजफ्फरपुर के डीईओ विनोद कुमार राम ने बताया कि निदेशक के निर्देश को ध्यान में रखकर ही अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।

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  • Web Title:लाल और हरी झंडी के बीच फंसी तबादले की गाड़ी