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बागमती तटबंध में कटाव से सीतामढ़ी में दहशत

नेपाल में पिछले दो दिनों की मूसलधार बारिश से गंडक, कोसी, बागमती, भूतही बलान, कमला, बूढ़ी गंडक समेत लगभग एक दजर्न अन्य छोटी नदियों में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। नतीजतन, उत्तर बिहार के लगभग दो सौ गांवों में बाढ़ का कहर बरपने लगा है। सीतामढ़ी में मझोरा के समीप बागमती के पानी का दबाव बढ़ने से दायां तटबंध में कटाव शुरू हो गया है।

हालांकि बागमती अंचल के अधीक्षण अभियंता राधा राम ने दावा किया है कि तटबंध की मरम्मत कर कटाव पर काबू पा लिया गया है। फिर भी इलाके में दहशत है। रून्नीसैदपुर प्रखंड में बांध के भीतरी हिस्से में बसे गांव मधौल, भरथी, बघौनी, इब्राहिमपुर, रायपुर आदि में घुसा पानी अभी कम नहीं हो सका है। मधुबनी से मिली जानकारी अनुसार कोसी बराज से आज 2.53 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।

मधेपुर प्रखंड बक्सा टोला, भगता, महपतिया, गढ़गांव में कटाव का सिलसिला तेज होने से ग्रामीणों में हड़कंप है। भूतही का जलस्तर आज खतरे के निशान से एक फीट ऊपर पहुंच गया। दरभंगा के बिरौल व कुशेश्वरस्थान के बीच असमा डायवर्सन व सिंघवाड़ा डायवर्सन पर डेढ़ फीट तक पानी बहने से यातायात बाधित हो गया है।।

जिले के भिंडुआ, हितहर, सुग्रैन, उजुवा समेत दजर्नभर से अधिक गांवों में कमला और कोसी का कहर बढ़ गया है। मुजफ्फरपुर के औराई, कटरा, गायघाट में नब्बे से अधिक गांवों में स्थिति बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को वाल्मीकिनगर बराज से 2.64 लाख क्यूसेक पानी गंडक में डिस्चार्ज हुआ। पश्चिम चम्पारण के लगभग चार दजर्न गांव पानी से घिर गये हैं।

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