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विधायक ने लोकायुक्त के समक्ष खेद व्यक्त किया

दिल्ली जल बोर्ड के दो इंजीनियरों की पिटाई के मामले में गुरुवार को नजफगढ़ के विधायक भरत सिंह ने लोकायुक्त जस्टिस मनमोहन सरीन के समक्ष घटना की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए खेद व्यक्त किया। लोकायुक्त ने इस मामले में पीड़ितों से बयान लेने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।


गौरतलब है कि गत 20 अप्रैल को क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर विधायक भरत सिंह ने दिल्ली जल बोर्ड के जोनल इंजीनियर पी.के शर्मा और जूनियर इंजीनियर प्रमोद कुमार को अपने कार्यालय में बुलवाया। विधायक वहां नहीं थे, लेकिन वहां उपस्थित लोगों ने इन दोनों इंजीनियरों से मारपीट की। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते जल बोर्ड इंजीनियरों की एसोसिएशन ने दिल्ली के लोकायुक्त मनमोहन सरीन से इस मामले की शिकायत की।


विधायक ने जब लोकायुक्त के समक्ष बयान दिया कि वह घटना के वक्त मौजूद नहीं थे और उनका इसमें कोई हाथ नहीं था तो लोकायुक्त ने दिल्ली हाईकोर्ट के वकील रिबेका जॉन को एमाइकस क्यूरी (कोर्ट का सहायक) नियुक्त कर दिया।


गुरुवार को सुनवाई के दौरान विधायक के वकील ने बयान में सुधार करना चाहा, जिसे लोकायुक्त ने स्वीकार किया। बयान में विधायक ने माना कि बेशक वह घटना के वक्त वहां मौजूद नहीं थे, लेकिन वह इस घटना की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए खेद व्यक्त करते हैं। साथ ही मामले को आरोपियों को गिरफ्तार करवाने में मदद करेंगे।
इसके बाद लोकायुक्त ने पीड़ित इंजीनियरों और इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बयान लिए। दोनों ने स्वीकार किया कि यदि विधायक खेद व्यक्त कर रहे हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

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