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पानी की जांच के लिए टेस्ट लैब

-अब लखनऊ दौड़ लगाने की जरूरत नहीं
-मात्र दो सप्ताह में शुरू हो जाएगा वाटर लैब
-लैब में की जाएगी पानी के नमूनों की जांच

पानी के नमूनों की जांच के लिए अब लखनऊ दौड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पानी अम्लीय हो या क्षारीय,उसमें रेत मिला हो या अन्य मिट्टी,इन सभी पहलुओं की जांच नगर निगम  की प्रयोगशाला में ही हो जाएगी। निगम मुख्यालय के बेसमेंट में इस प्रयोगशाला का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दावा है कि अगले दो सप्ताह में यह लैब काम करने लगेगी।


निगम अब पानी के नमूनों की जांच के लिए लैब तैयार करने में जुटा है। शहर में आपूर्ति की जाने वाली पानी की गुणवत्ता को लेकर साल भर होती किरकिरी के बाद ही शायद निगम ने लैब बनाने की प्लानिंग की है। फिर शहर में अवैध रिबोरिंग से भी दजर्नों प्लांट पानी के चल रहे हैं। जिससे रोजाना हजारों लीटर पानी की आपूर्ति घरों व दुकानों में की जाती है। लेकिन पानी की मानक की जांच रिपोर्ट किसी प्लांट में उपलब्ध नहीं रहती। बीते दिनों स्वास्थ्य अधिकारी ने सिटी जोन  के नेहरूनगर, घंटाघर, लोहियानगर में पानी के प्लांट पर छापेमारी पर इस बात का खुलासा हुआ था। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक फिलहाल आठ-दस प्लांट वालों ने मानक पूरा कर लिया है। नगरायुक्त अजय शंकर पांडेय ने बताया कि निगम मुख्यालय में निर्माण सामग्री की जांच के लिए प्रयोगशाला बनकर तैयार है अब पानी के नमूनों की जांच के लिए टेस्ट लैब बनाया जा रहा है। लैब में संक्रमित पानी की जांच की जाएगी। इसमें पानी की पीएच वैल्यू से लेकर टीडीएस,क्लोरिनेशन तथा तापमान आदि की जांच स्थानीय स्तर पर करने के साथ ही मानक पूरा करने के प्रयास तत्काल हो सकेगा। इससे समय व धन की भी बचत होगी।

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