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रास्ता नहीं कैसे जाऊं, अभी जा रहा हूं संसद

विशनपुरा में दीवार गिरने से 11 लागों की मौत के बाद स्थानीय सांसद व विधायक ने उनके आश्रितों की सुध लगभग 12 घंटे बाद ली थी। लोग इस बात से दुखी तो थे, लेकिन उनके जख्म पर मरहम की जगह सांसद के शब्द मृतकों के परिजनों के कानों में अब तक गूंज रहे हैं। बसपा के टिकट पर नवनिर्वाचित सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने घटना के बाद घटनास्थल पर जाने में स्पष्ट तौर पर मना कर दिया था।


जिला प्रशासन द्वारा घोषित मुआवजे की रकम बताकर चलते बने सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने मृतकों के आश्रितों व घायलों से जिला अस्पताल में भेंट तो की थी, लेकिन उसके बाद सुध तक नहीं ली। दुखी लोगों के कानों में अब भी सांसद नागर के मुंह से निकले शब्द गूंज रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब मृतक के परिजनों ने स्पॉट पर जाने की बात की तो सांसद ने कहा कि स्पॉट पर जाने का रास्ता ही नहीं है, कैसे जाऊं। अभी संसद जाने का वक्त हो रहा है। मृतक अरशद के चाचा जब्बार कहते हैं कि यहां वोट व जाति देखकर नेता काम करते हैं। हमलोग यहां के वोटर नहीं हैं। इस कारण उन्होंने यह कहकर पल्ला झड़ लिया। सांसद सुरेंद्र सिंह नागर के इस कथन से इस घटना के पीड़ित परिजन अब भी गुस्से में हैं।

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