DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सही है गोर्शकोव सौदा: नौसेना प्रमुख

सही है गोर्शकोव सौदा: नौसेना प्रमुख

नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा गोर्शकोव की कीमत को लेकर सरकार की आलोचना किए जाने के बाद नौसेना प्रमुख एडमिरल सुरीश मेहता ने सौदे की हिमायत की और इसके लिए सरकार द्वारा किए गए भुगतान को जायज बताया।

कैग ने कहा था कि सरकार ने जितना धन देकर पुराना विमान वाहक पोत एडमिरल गोर्शकोव खरीदा, उतने में तो नया विमान वाहक पोत खरीदा जा सकता था। एडमिरल मेहता ने पोत के लिए अदा की गई कीमत को सही ठहराया है।

मेहता ने कहा कि मैं कैग पर टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन आप सभी रक्षा विश्लेषक हैं। क्या आप मुझे दो अरब डॉलर से कम में विमान वाहक पोत खरीदकर दे सकते हैं, अगर हां तो मैं आपको अभी चैक देने के लिए तैयार हूं। सीआईआई द्वारा आयोजित नेवल सेल्फ रिलायंस सेमिनार के मौके पर मेहता ने यह बातें कहीं।

कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2008 तक गोर्शकोव की कीमत एक अरब 82 करोड़ डॉलर तक पहुंच चुकी थी और समुद्री परीक्षणों के लिए 52 करोड़ 20 लाख डॉलर अलग से होंगे, जबकि 2004 के अनुबंध में यह राशि दो करोड़ 70 लाख डॉलर थी। भारत ने जनवरी 2004 में रूस से 45,000 टन वजन का गोर्शकोव पोत 97 करोड़ 40 लाख डॉलर में खरीदने का सौदा तय किया था। इसमें पोत को भारत में फिर से फिट करने और उसकी मरम्मत का खर्च भी शामिल था।

2007 के बाद से रूस ने एडमिरल कोर्शकोव की कीमत में तीन बार बढ़ोतरी कर दी और इस फरवरी में सब मिलाकर दो अरब 90 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त राशि की अंतिम मांग रखी। भारत इस संबंध में रूस से मोलभाव कर रहा है और वह पोत की कीमत के रूप में दो अरब 20 करोड़ डॉलर देने का इच्छुक है। राज्यसभा में प्रश्न काल के दौरान कल रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा कि सरकार लेखा रिपोर्ट के अध्ययन के बाद ही पोत की नयी कीमत के बारे में फैसला करेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सही है गोर्शकोव सौदा: नौसेना प्रमुख