DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कॉपी-किताबों से छुटकारा,अब तो लैपटॉप है हमारा

कॉपी-किताबों से छुटकारा,अब तो लैपटॉप है हमारा

दोस्तो, अब शायद तुम्हें भारी-भरकम बैग और कॉपी-किताबों से छुटकारा मिल जाए, खासकर पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को, क्योंकि उन्हें सस्ते दाम पर लैपटॉप मिल जाएगा। आप लोगों को यह जानकर खुशी होगी कि इस लैपटॉप के लिए सिर्फ एक वॉट बिजली की जरूरत है ।

यह लैपटॉप वॉटर प्रूफ, डस्ट प्रूफ, शॉक प्रूफ है और इसकी स्क्रीन को सूर्य की रोशनी में भी पढ़ा जा सकता है। यह कलरफुल लैपटॉप तुम्हारे मन को भी मोह लेगा। अमरीका की एक गैर सरकारी संस्था ‘वन लैपटॉप पर चाइल्ड’ ने भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रख कर तीस लाख लैपटॉप बनाए हैं, जिन्हें इस वर्ष 2009 में देश के ग्रामीण, पिछड़े, जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों के बच्चों को सिर्फ 11,000 रुपए प्रति लैपटॉप की लागत से प्रदान किया जाएगा। अभी तक प्रयोगात्मक तौर पर कुछ राज्यों के 20 स्कूलों में ऐसे 1000 लैपटॉप वितरित किए गए हैं, जो काफी सफल रहे हैं तथा जल्दी ही इसे देशभर में लागू किया जाएगा। मांग में बढ़ोतरी से इसकी कीमत 5000 रुपए प्रति लैपटॉप तक लाने की योजना है। 

जिस संस्था ने इसे बनाया है, उसका उद्देश्य है कि बच्चों को मनोरंजन के माध्यम से पढ़ाया जा सके तथा पढ़ाई में बच्चों की रुचि बरकरार रखी जा सके। इस लैपटॉप में बच्चों की रुचि के अनेक कार्यक्रम डाले गए हैं तथा इनमें स्थानीय क्षेत्रों की भाषा, संस्कृति का मिश्रण बनाया गया है। इस लैपटॉप में प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के पाठ्यक्रम स्थानीय भाषा में आसानी से फिट किए जा सकते हैं, जिससे छात्रों को स्कूली पाठयक्रम पूरी तरह मुफ्त मिलेगा।  यह लैपटॉप उन क्षेत्रों में भी प्रभावी होंगे, जहां पर स्कूलों में पर्याप्त भवन तक उपलब्ध नहीं हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कॉपी-किताबों से छुटकारा,अब तो लैपटॉप है हमारा