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विकल्प चुनाव

प्रॉपर्टी खरीदने, बेचने को लेकर इस समय लोगों के मन में कई तरह के संशय हैं, लेकिन साथ ही इस समय उन लोगों के सामने भी कई प्रश्न हैं जिन्होंने प्रॉपर्टी खरीदने के लिए लोन लिया हुआ है। उनके मन में इस बात को लेकर संशय हैं कि कौन से विकल्प अपनाए जाएं। बाजार में कई तरह के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन फैसला लेने से पहले हर पक्ष को टटोल लेना जरूरी है।

- क्या है मन में : एक तरफ जहां लोन चुकाने को लेकर कई लोग सोच रहे हैं कि वह लोन की किस्तों की रकम बढ़ा दें, तो वहीं कई लोग पार्ट प्री-पेमेंट ऑप्शन के बारे में विचार कर रहे हैं। एक बार आपने लोन दे दिया तो आप इसको लेकर बेफिक्र हो जाइए कि आने वाले समय में इसकी कीमतों में इजाफा होगा।

- कौन सा विकल्प : हालांकि इस दौरान आप टॉप अप विकल्प के बारे में भी सोच सकते हैं। यह आपकी आय और रीपेमेंट के ट्रेक रिकॉर्ड के साथ बाजर में प्रॉपर्टी की कीमत पर निर्भर करता है। यदि इस समय आप होम लोन का कुछ अमाउंट, किश्तों को कम करने के लिए अदा कर देते हैं, तो ब्याज और ईएमआई पर पड़ने वाला भार कुछ हद तक कम हो जाएगा।

पार्ट पेमेंट ऑप्शन का इस्तेमाल करते वक्त इस बात का पता जरूर कर लीजिए कि कहीं बैंक इसके लिए कोई पेनल्टी तो नहीं ले रहा। प्रीपेमेंट पेनल्टी लेना या न लेना बैंक पर निर्भर करता है, अगर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी है तो बैंक इसे प्राय: नहीं लेते। फिक्सड रेट से फ्लोटिंग रेट में स्विच करना बेहतर फैसला नहीं माना जाता क्योंकि ज्यादातर परिस्थितियों में फिक्सड रेट पर मिलने वाला लोन कम दरों पर होता है। ऐसे में लोन के विकल्प बदलने से पहले विचार कर लें।

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