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डीएनडी की बोर्ड बैठक में छाया टोल रेट का मुद्दा

अथॉरिटी व नोएडा टोल ब्रिज कंपनी की बोर्ड मेम्बरों की बुधवार को आयोजित बैठक काफी हंगामेदार रही। अथॉरिटी के मना करने के बाद भी कंपनी ने डीएनडी पर टोल टैक्स बढ़ाने के मुद्दे को डाइरेक्टरों के समक्ष रखा। कंपनी ने अप्रैल में बढ़े रेट को दोबारा से लागू करने को लेकर खूब हो हल्ला किया, लेकिन अथॉरिटी ने इस मुद्दे पर झुकने से साफ इंकार कर दिया।


जानकारी के मुताबिक बैठक में शुल्क बढ़ाने का मुद्दा ही छाया रहा। डीएनडी पर बने कंपनी के दफ्तर में हुई बैठक में टोल रेट के मुद्दे पर दोनों ही पक्ष अपनी बात मनवाने पर अड़े रहे। कंपनी अप्रैल में हुई 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दोबारा से लागू करने के लिए अथॉरिटी पर दबाव डाल रही है। बढ़ते घाटे को कम करने के लिए टोल रेट में वृद्धि को अनिवार्य बता रही है। कंपनी ने अब तक करीब 12 हजार करोड़ रुपए और वर्ष 2030 तक बढ़कर 53 हजार करोड़ रुपए हो जाएगा।

डीएनडी की प्रमोटर एजेंसी होने के कारण अथॉरिटी की अनुमति के बगैर टोल रेट नहीं बढ़ाया जा सकता। बैठक में शामिल हुए नोएडा के सीईओ मोहिंदर सिंह ने अथॉरिटी का पक्ष रखते हुए डीएनडी पर टोल रेट बढ़ाने का विरोध किया। कंपनी के अधिकारी देवेन्द्र यादव ने माना कि टोल रेट बढ़ाने के मुद्दे को बोर्ड के समक्ष रखा गया था, लेकिन अभी इस पर कोई फाइनल निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है डीएनडी ने 31 मार्च को टोल टैक्स में दस से बीस फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी थी। डीएनडी कंपनी का मेम्बर होने के बावजूद अथॉरिटी के सीईओ से इस पर सहमति नहीं ली गई। सीईओ ने बढ़े टोल टैक्स को तत्काल वापस लेने का निर्देश दिया। दबाव के कारण डीएनडी ने बढ़े टोल टैक्स को वापस तो ले लिया, लेकिन रेट बढ़ाने को लेकर अभी भी दबाव डाल रहा है।

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