अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

साहित्य में मजाक

आजकल हिंदी साहित्य में हलचल है। इसलिए कि मित्र उदय प्रकाश ने महंत अद्वैतनाथ के हाथों एक पुरस्कार ले लिया। इस विषय पर कुछ लिखना इसलिए संभव नहीं है, क्योंकि यह अखबार घर परिवार का अखबार है और इसे बूढ़े, बच्चे वगैरह भी पढ़ते हैं और इस विषय पर बहस जिस भाषा में हो रही है, उस तरह की भाषा अखबार में नहीं लिखी जा सकती। मेरा मानना है कि घर परिवार से साहित्य और साहित्यकारों को दूर ही रखने में भलाई है, फिर भी इन दिनों साहित्य में इतनी मजेदार चीजें हो रही हैं कि बच्चे भी मजा ले सकते हैं।

एक हास्य कवि को दिल्ली की हिंदी अकादमी का उपाध्यक्ष बना दिया, इस पर तमाम साहित्यकार बिफरे हुए हैं। हास्य कवि के खिलाफ मुहिम शुरू करने वाली अकादमी की सदस्या का कहना है कि वे एक विदूषक के साथ काम नहीं कर सकतीं। जो लोग इस मुहिम में शामिल हुए हैं वे भी इस बात से इत्तेफाक रखते होंगे। अब यह किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद नापसंद का मामला है कि वह किसके साथ काम नहीं करना चाहती या चाहता है। कुछ लोग खलनायकों के साथ काम नहीं करनाचाहते, कुछ लोग चरित्र अभिनेताओं के साथ काम नहीं करना चाहते, हमने तो ऐसे भी लोग देखें हैं जो सुपर हीरोज के साथ भी काम नहीं करना चाहते, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे वे दब जएंगे। लेकिन यह समझ में नहीं आया कि किसी को किसी विदूषक के साथ काम करने में क्या आपत्ति है। वह होगा तो काम के साथ-साथ हंसने का भी इंतजाम मुफ्त में। ऐसा भी नहीं है कि हिंदी के साहित्यकारों का मजाक से कोई संबंध नहीं है। कई साहित्यकार मैंने देखे हैं और उनमें से कई इस मुहिम में भी शामिल हैं, जिन्होंने अक्सर साहित्य के नाम पर मजाक किया है। यह क्या बात हुई कि नायक, खलनायक, चरित्र अभिनेता मजाक करे तो चल जाएगा, लेकिन विदूषक का मजाक नहीं चलेगा।
मुझे पता चला है कि मामला कुछ दूसरा है। जिन तथाकथित विदूषक पर इन्हें आपत्ति है, उनका निजी क्षेत्र में काफी अच्छा कारोबार है। गंभीर लेखकों का मार्केट तो है नहीं, उन्हें सरकारी क्षेत्र की दुकानों का ही आसरा है। इनकी आपत्ति मार्केट को लेकर है कि सरकारी दुकान में भी अगर उन्हें ही जगह मिली जो निजी क्षेत्र में सफल हैं तो इनके लिए मजाक करने के लिए कौन सी जगह होगी।
सवाल मसखरेपन का नहीं, शैली का है, गोविंदा की शैली में मजाक नहीं चलेगा, ए के हंगल या नाजिर हुसैन की मुखमुद्रा में किया गया मजाक चलेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:साहित्य में मजाक