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सरकारी उधारी से ब्याज दरें बढ़ सकती हैं: एसोचैम

उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा है कि सरकार की भारी उधारी से ब्याज दरें बढ़ सकती है जो चिंता की बात है। भारतीय रिजर्व बैंक ने हालांकि अपनी मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में अपनी सभी प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने बुधवार को कहा कि सरकार की भारी उधारी से ऋण पर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। यह चिंता की बात है। जिंदल यहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के प्रसार के लिए आए कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। आरबीआई की तिमाही समीक्षा के बारे पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में बदलाव न किया जाना उम्मीदों के अनुरूप है।

उन्होंने कहा कि आरबीआई ने हालांकि जीडीपी की वृद्धि दर के अनुमान को लेकर पिछड़ा रुख अपनाया है। जिंदल ने कहा कि एसोचैम ने अपने अध्ययन में कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष के दौरान सात प्रतिशत रहेगी। जिंदल ने कहा कि सरकार की उधारी की वजह से यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो इसका अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि ब्याज दरों को आगे बढ़ने से रोका जाना चाहिए।

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