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बांध टूटने पर चिन्ता जताई विशेषज्ञों ने

विशेषज्ञों ने श्रीनगर गढ़ावाल में अलकनन्दा पर बन रही जलविदयुत परियोजना के काफर बांध के टूटने पर चिन्ता जताते हुये इसे सरकार की लापरवाही का नतीजा बताने के साथ ही भविष्य के लिये खतरे का संकेत बताया है ।
     

लोक विज्ञान संस्थान के निदेशक डा़ रवि चोपड़ा ने बुधवार को देहरादून में जारी एक बयान में कहा है कि उत्तराखण्ड में जल विदयुत उत्पादन के लिये कई बांध बन रहे है,मगर राज्य सरकार की तरफ से उनकी मजबूती और पर्यावरणीय प्रभाव के आंकलन के लिये कोई भी व्यवस्था नहीं की गयी है ।
   

अगर कही कोई ठेकेदार सड़क बनाता है तो उसकी निगरानी के लिये सरकार अपने इंजीनियर रखती है । चौपड़ा के अनुसार सरकार की लापरवाही से उत्तराखण्ड में कभी भी कोई त्रासदी हो सकती है और इसका उदाहरण श्रीनगर गढ़ावाल  का ध्वस्त काफर बांध है ।
    

चौपड़ा ने कहा कि नदी बचाओं आन्दोलन के सदस्यों ने उत्तराखण्ड के मुख्यसचिव से मिले कर इसी परियोजना के निर्माण में हो रही खतरनाक लापरवाही की ओर उनका ध्यान गत वर्ष मई में ही आकर्षित कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने उस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया ।
    

उन्होंने कहा कि विश्व बैंक ने भी राज्य सरकार का ध्यान उक्त परियोजना का निर्माण कर रही कम्पनी की लापरवाहियों की और आकर्षित कर दिया था फिर भी सरकार हरकत में नहीं आई ।

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