अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बलूचिस्तान पर नहीं मिला कोई दस्तावेजः पीएम

बलूचिस्तान पर नहीं मिला कोई दस्तावेजः पीएम

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ शर्म अल शेख में जारी संयुक्त बयान से आतंकवाद के मुद्दे पर पड़ोसी देश के साथ समग्र वार्ता प्रक्रिया में किसी तरह की नरमी के रुख से इंकार करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को दो टूक शब्दों में कहा कि पड़ोसी देश जब तक भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए अपनी भूमि का इस्तेमाल नहीं होने के वादे का पूरी तरह पालन नहीं करता तब तक उसके साथ बातचीत नहीं की जाएगी।

अपनी हाल की विदेश यात्राओं से उत्पन्न स्थिति पर लोकसभा में बुधवार को हुई विशेष चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश के साथ बातचीत एकमात्र व्यवहारिक रास्ता है लेकिन वार्ता से पहले पाकिस्तान को प्रभावकारी कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ बलूचिस्तान के बारे में गलतफहमियों और पूरी तरह से मिथ्या आरोपों पर भी चर्चा के लिए तैयार है क्योंकि हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

मनमोहन ने इस बात पर जोर दिया कि 16 जुलाई को शर्म अल शेख में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के साथ हुई उनकी मुलाकात के दौरान उन्हें पाकिस्तान की ओर से बलूचिस्तान के बारे में किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं सौंपा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं कई बार कह चुका हूं और इस वक्त फिर दोहराता हूं कि जब तक पाकिस्तान सरकार भारत के विरुद्ध आतंकवाद के लिए अपनी भूमि का किसी भी प्रकार का इस्तेमाल नहीं होने के अपने वादे को पूरी तरह नहीं निभाती है तब तक भारत की किसी भी सरकार के लिए उसके साथ रिश्तों को पूर्णतया समान बनाने की ओर नहीं बढ़ा जा सकता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बलूचिस्तान पर नहीं मिला कोई दस्तावेजः पीएम