DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बॉलीवुड का नया फॉ्र्मुलाः बायोग्राफिकल फिल्में

बॉलीवुड का नया फॉ्र्मुलाः बायोग्राफिकल फिल्में

बॉलीवुड में विषयों की कमी यूं तो हमेशा से ही रही है, लेकिन आजकल यह कमी कुछ ज्यादा ही नजर आ रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए एक ओर आज रीमेक का सहारा लिया रहा है तो दूसरी ओर बॉलीवुड में सपनों के सौदागर आजकल रियल लाइफ सुल्तानों की जिंदगी पर फिल्म बनाने में जुटे हैं। लगातार विषयों की मंदी से जूझ रहे बॉलीवुड के फिल्मकारों को अब रियल लाइफ में नायक रहे लोगों के जीवन को पिक्चराइज करने का जुनून सवार है। कम से कम सात ऐसी फिल्में हैं, जो इसी विषय पर बन रही हैं। यूटीवी मोशन पिक्चर्स की अल्पना मिश्रा कहती हैं, ‘वास्तव में यह फॉमरूला काम करता दिखाई पड़ रहा है। किशोर कुमार, एथलीट पान सिंह तोमर और फिल्मकार गुरुदत्त के जीवन पर फिल्में निर्माणाधीन हैं। और ऐसा लगता है कि यह ट्रेंड बॉलीवुड में फिलवक्त काम कर रहा है। लिहाजा फिल्मकार ऐसे लोगों को तलाश रहे हैं, जो किसी ना किसी रूप में समाज के नायक रहे हैं।’

राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने आमिर खान और कैटरीना कैफ को अपनी अगली फिल्म के लिए साइन किया है। इसमें आमिर गुरुदत्त और कैटरीना वहीदा रहमान की भूमिका निभाएंगी। जेपी दत्ता ने महारानी गायत्री देवी से उनके  जीवन पर फिल्म बनाने की इजाजत ले ली है। इस फिल्म में ऐश्वर्या राय के काम करने की चर्चा है। मिस यूनिवर्स रही सुष्मिता सेन रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर फिल्म बना रही हैं और इसके लिए वे तमाम तरह के अनुसंधानों में जुटी हैं। केतन मेहता ने राजा रवि वर्मा के जीवन पर ‘रंग रसिया’ बनाई है, जो रिलीज के लिए लगभग तैयार है। किशोर कुमार के बेटे सुमीत कुमार महसूस करते हैं कि शुजीत सरकार द्वारा निर्देशित फिल्म किशोर कुमार को इस रूप में चित्रित करेगी, जिस रूप में उन्हें कोई नहीं जानता।

केतन मेहता का कहना है कि पहले भी इस तरह की फिल्में बनती रही हैं, लेकिन नये और युवा निर्देशक आज इस तरह की फिल्में बना कर सिनेमा की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाना चाहते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी विवाद से बचने के लिए फिल्म को यह टच दे दिया जाता है। साज, गुरु और प्रकाश झ की राजनीति के बारे में भी कहा जा रहा है कि ये फिल्में क्रमश: लता मंगेशकर, धीरुभाई अंबानी और सोनिया गांधी के जीवन पर आधारित हैं। लेकिन किसी भी विवाद से बचने के लिए इनकी कहानियों में कल्पना का समावेश किया गया है। बहरहाल आत्मकथात्मक फिल्मों को दर्शक कितना पसंद करते हैं, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा। लेकिन फिलहाल यह फिल्मकारों का पसंदीदा विषय बना हुआ है।बॉलीवुड में विषयों की कमी यूं तो हमेशा से ही रही है, लेकिन आजकल यह कमी कुछ ज्यादा ही नजर आ रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए एक ओर आज रीमेक का सहारा लिया रहा है तो दूसरी ओर बॉलीवुड में सपनों के सौदागर आजकल रियल लाइफ सुल्तानों की जिंदगी पर फिल्म बनाने में जुटे हैं। लगातार विषयों की मंदी से जूझ रहे बॉलीवुड के फिल्मकारों को अब रियल लाइफ में नायक रहे लोगों के जीवन को पिक्चराइज करने का जुनून सवार है। कम से कम सात ऐसी फिल्में हैं, जो इसी विषय पर बन रही हैं। यूटीवी मोशन पिक्चर्स की अल्पना मिश्रा कहती हैं, ‘वास्तव में यह फॉर्मुला काम करता दिखाई पड़ रहा है। किशोर कुमार, एथलीट पान सिंह तोमर और फिल्मकार गुरुदत्त के जीवन पर फिल्में निर्माणाधीन हैं। और ऐसा लगता है कि यह ट्रेंड बॉलीवुड में फिलवक्त काम कर रहा है। लिहाजा फिल्मकार ऐसे लोगों को तलाश रहे हैं, जो किसी ना किसी रूप में समाज के नायक रहे हैं।’

राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने आमिर खान और कैटरीना कैफ को अपनी अगली फिल्म के लिए साइन किया है। इसमें आमिर गुरुदत्त और कैटरीना वहीदा रहमान की भूमिका निभाएंगी। जेपी दत्ता ने महारानी गायत्री देवी से उनके  जीवन पर फिल्म बनाने की इजाजत ले ली है। इस फिल्म में ऐश्वर्या राय के काम करने की चर्चा है। मिस यूनिवर्स रही सुष्मिता सेन रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर फिल्म बना रही हैं और इसके लिए वे तमाम तरह के अनुसंधानों में जुटी हैं। केतन मेहता ने राजा रवि वर्मा के जीवन पर ‘रंग रसिया’ बनाई है, जो रिलीज के लिए लगभग तैयार है। किशोर कुमार के बेटे सुमीत कुमार महसूस करते हैं कि शुजीत सरकार द्वारा निर्देशित फिल्म किशोर कुमार को इस रूप में चित्रित करेगी, जिस रूप में उन्हें कोई नहीं जानता।

केतन मेहता का कहना है कि पहले भी इस तरह की फिल्में बनती रही हैं, लेकिन नये और युवा निर्देशक आज इस तरह की फिल्में बना कर सिनेमा की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाना चाहते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी विवाद से बचने के लिए फिल्म को यह टच दे दिया जाता है। साज, गुरु और प्रकाश झ की राजनीति के बारे में भी कहा जा रहा है कि ये फिल्में क्रमश: लता मंगेशकर, धीरुभाई अंबानी और सोनिया गांधी के जीवन पर आधारित हैं। लेकिन किसी भी विवाद से बचने के लिए इनकी कहानियों में कल्पना का समावेश किया गया है। बहरहाल आत्मकथात्मक फिल्मों को दर्शक कितना पसंद करते हैं, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा। लेकिन फिलहाल यह फिल्मकारों का पसंदीदा विषय बना हुआ है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बॉलीवुड का नया फॉ्र्मुलाः बायोग्राफिकल फिल्में