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मैथ्स में कमजोर हैं, पहनिए डायोप्साइड

मैथ्स में कमजोर हैं, पहनिए डायोप्साइड

डायोप्साइड नौ नम्बर का लकी स्टोन है और वरगो यानी कन्या राशि का बर्थ स्टोन। इसे विश्लेषक नगीना कहते हैं, क्योंकि इससे नजदीकियां रखने से बुद्धिजीवी विचार और संस्कार आपके भीतर समाने लगते हैं। पढ़ाई करने वाले या वाली के लिए तो यह अत्यंत उपयोगी है। इसका साथ नम्रता का पाठ सिखाता है।

यही नहीं, जैसा-जैसा आपको प्रतीत होता है या महसूस होता है, उसी पर यकीन करने का रास्ता साफ करता है डायोप्साइड। और फिर हर किसी से सद्भावना, दीनता और विनय का रिश्ता उभारता है। दूसरे शब्दों में कहें तो डायोप्साइड के साथ से आपका दिल दूसरों के दर्द को समझने लगता है। हालांकि डायोप्साइड क्रिस्टल रंगहीन हो सकता है, लेकिन ज्यादातर बॉटल ग्रीन या कहें गहरा हरा, भूरा-हरा या फिर हल्का हरा भी होता है। बताते हैं कि जितना ज्यादा आयरन भरपूर और मैगनीशियम कमतर डायोप्साइड होगा, उसका रंग उतना ही ज्यादा गहरा-करीब-करीब काला-होता जाएगा। असल में, क्रोमियम के सम्मिश्रण की वजह से डायोप्साइड का हरा रंग एकदम से खिलता है। इसे ‘डायोप्साइड’ कहते हैं। उधर भड़कीला नीला डायोप्साइड मैगनीज रसायन की देन है। इसे नाम मिला है ‘वाइलेन’। यह मिलता है अमेरिका और इटली में। पारदर्शी होने पर ज्वेलरी में सेट किया जाता है। अपारदर्शी होने की सूरत में, छेद कर माला की शक्ल में पिरो कर पहनने का चलन भी खूब है।

फेंग्शुई डायोप्साइड का गुणगान करते नहीं थकता। कहता है कि ऐसों के लिए यह नगीना कारगर है, जो अपने गम को दूसरों के सम्मुख नहीं खोलते। इससे क्षमा भावना का संचार होता है और ‘जाने भी दो यारो’ के अंदाज में आप दूसरों की गलतियां भूल या नजरअंदाज करते-करते आगे बढ़ते जाते हैं।  काम के भार या दबाव को भी घटाने का दमखम इसमें समाया है, क्योंकि यह जिंदगी जीने की बेहतरीन राह दिखाता है। इसकी एक खासियत यह है कि डायोप्साइड को अंग-संग रखने से आपके दिल को ठेस पहुंचाने वालों के प्रति भी सद्भावना का नजरिया जागने लगता है।

अगर आपका बेटा-बेटी या कोई भी परिचित मैथ्स यानी गणित विषय में कमजोर है तो उसे डायोप्साइड पहनने या अपनी स्टडी टेबल पर रखने की सलाह दी जाती है। इससे गणित की पेचीदगियां आसान होने लगती हैं। स्टूडेंट्स, सजर्न और पब्लिक स्पीकर के लिए खासमखास स्टोन है। साइकोलॉजिकल हालात, याददाश्त, शारीरिक कमजोरी, मांसपेशियों के दर्द वगैरह में मामूली स्टोन भी खूब रंग जमाता है।
हीलिंग पावर्स के तौर पर गहरे हरे रंग का डायोप्साइड सबसे जोरदार माना जाता है। सन् 1964 से दक्षिण भारत में गहरे हरे से काला डायोप्साइड पाया जाता है। जेम्स के रूप में इस्तेमाल डायोप्साइड म्यांमार, रूस, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और आम डायोप्साइड ब्राजील, ऑस्ट्रिया, इटली, अमेरिका, श्रीलंका, कनाडा वगैरह में खूब मिलता है। जेम्स रे थेरेपी के मुताबिक, यह दिल, फेफड़े, गुर्दे, ब्लड प्रेशर, तनाव, खून के दौरे और हार्मोन्स संतुलन की हिफाजत में बड़ा काम करता है।

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