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वर्क लोड का असर

क्या आपसे ऑफिस में बहुत कम संसाधनों में ज्यादा काम करने के लिए दबाव डाला जाता है? तो आप जरूर परेशान रहते होंगा, लेकिन नौकरी जाने के डर से आप अपने काम में पिले रहते होंगे। राहत की बात ये है कि इस अनुभव से गुजरने वाले आप अकेले नहीं हैं। आजकल अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर है। ऐसी स्थिति में रिएक्ट करने से बचना चाहिए, और स्थिति सुधारने के लिए कोशिश जारी रखनी चाहिए। इसके कुछ आसान तरीके भी हैं।

- अच्छी तरह जान लीजिए कि कॉस्ट कटिंग और जॉब कट का असर आजकल सब पर पड़ रहा है। जब आप अकेले नहीं हैं, तो परेशान क्यों होते हैं? जो दबाव आप पर है, वह सब पर है।

- अगर आप पर कार्यभार ज्यादा है, तो योजना बनाकर और प्राथमिकता तय करके इसे अंजाम देना सीखें। शाम को घर जाने से पहले अगले दिन के सबसे प्रमुख तीन कामों की प्रायोरिटी लिस्ट तैयार कर लेना ठीक रहेगा।

- प्रायोरिटी लिस्ट बनाने के बाद काम को बांटा जा सकता है। ये आपको देखना है कि कौनसा काम किसे देना है, और कौन किस काम को कितना अच्छा और जल्दी कर सकता है। अपनी पसंद का काम मिलने से आपकी उत्पादकता भी बढ़ेगी।

- किसी भी काम को लेकर पैदा होने वाली समस्या का समाधान दीजिए। इसकी पूरी रणनीति और प्रक्रिया बनाएं।

- आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता तो आप ही होने चाहिए। अगर आप ही ठीक नहीं रहेंगे, तो कैसे किसी प्रोजेक्ट को कामयाबी दिला पाएंगे। इसलिए समय-समय पर अवकाश लेकर तरोताज होने में संकोच न करें।

- और आखिर में, याद रखें कि हालात हरदम ऐसे ही नहीं रहने वाले हैं। बुरा वक्त बीत जता है, और अच्छा लौट आता है। इसलिए धर्य बनाएं रखें।

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