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सच का सामना सही पर तरीका गलत

कौन कहेगा कि सच नहीं बोलना चाहिए लेकिन भारतीय संस्कृति यह कहती है कि ऐसा सच कभी नहीं बोलना चाहिए जिससे किसी की अपूरणीय क्षति हो। और एक टीवी प्रोग्राम में यही हो रहा है। इसके एंकर ऐसे-ऐसे सवाल पूछते हैं सामने वाले से कि सुनने वाले का सिर शर्म से झुक जता है। अभी पिछले सप्ताह विनोद कांबली से उसकी बीवी की उपस्थिति में पूछा गया कि आपके पत्नी के अलावा कितनी महिलाओं से यौन संबंध रहे हैं और कि क्या आपको उनके नाम याद हैं। ऐसे घटिया तथा फूहड़ सवाल पूछने से उनकी जिंदगी स्वर्ग बनेगी या नर्क? ऐसे ही सवाल महिलाओं से भी पूछे जाते हैं। इस बेहूदे प्रोग्राम को तुरंत बंद करना चाहिए।
इन्द्र सिंह धिगान, किंग्जवे कैम्प, दिल्ली

पंचायतों के तुगलकी फरमान
भारत के गांवों में पंचायतों की व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि पंच आपसी विवाद गांव के स्तर पर ही सुलझ लें किंतु आज के परिप्रेक्ष्य में तो पंचायतों के फैसले किसी तुगलकी फरमान से कम नहीं हैं और उन फैसलों के पक्ष-विपक्ष में प्रशासन को दखल देनी पड़ती है। हरियाणा  के झज्जर में गहलोत गोत्र विवाह पर तो पंचायत ने नवविवाहित युगल को बहन-भाई बनने को कह दिया, अन्यथा गांव छोड़ो। इस पर प्रशासन को बीच में आना पड़ा, लेकिन पंचों का तुगलकी फरमान नहीं बदला और लड़के के परिजनों को गांव छोड़ना पड़ा। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले भी हरियाणा ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रदेशों की पंचायतों से फैसले आ चुके हैं और खामियाज मासूमों को भुगतना पड़ता है। ऐसे पंचायती फैसलों पर रोक लगाई जनी चाहिए।
शक्तिवीर सिंह ‘स्वतंत्र’,  नई दिल्ली

खुद पर अमल क्यों नहीं
अमेरिका में बर्गर पर लक्ष्मी जी की तस्वीर तो वहां के हिन्दू संगठनों के आकाओं को दिखाई दे गई। दुर्भाग्य है हमारे यहां लक्ष्मी छाप तम्बाकू, गणोश छाप बीड़ी, तुलसी छाप तम्बाकू जो कि हमारे हिन्दू आस्था के परम पूज्य हैं किसी को भी नहीं दिखाई देते।
शिव प्रकाश शर्मा, हापुड़

कारगिल शहीदों को नमन
कारगिल में भारतीय सेना ने पाक के खूनी खेल का अंत 26 जुलाई 1999 में कर दिया था और पाक के इतिहास में करारी शिकस्त का एक और काला अध्याय जोड़ दिया था। पाकिस्तान अप्रत्यक्ष रूप से चीन एवं अमेरिका की सरपरस्ती में भारत को, भारत की ही जमीं पर ललकारने लगा। पाक की आग उगलती तोपों को अदम्य साहसी सैनिकों ने अपनी शहादत से ठंडा कर दिया। उन्हें यह नहीं पता था कि भारतीय फौज में शिवाजी, पृथ्वीराज, राणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह एवं मंगल पाण्डे का ही रक्त तैरता है। कारगिल की दसवीं विजय दिवस पर हमें भी आतंकियों, भ्रष्टाचारियों एवं चरित्रहीन राजनैतिक ताकतों को भी कारगिल में पाक की तरह हराना है। देश में 56 करोड़ युवाओं पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अरुण कुमार शर्मा, हरिद्वार

कुंठित मानसिकता
ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हो रहे नस्ली हमले क्षेत्रवाद से उपजी कुंठित मानसिकता के  परिचायक हैं। इस तरह की घटनाओं का हर जगह विरोध किया जना चाहिए। देश-विदेश में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश के लिए लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।
अमित पटेरिया, मोहाली

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