DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राखी के लिए रुकते तो नहीं छिनता मां का आंचल

अगर बिरजू राखी बंधाने के लिए घर पर रूक जता तो रंजीत के सिर पर से मां का आंचल नहीं छीनता, लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। जुलाई के पहले सप्ताह में जब बिरजू अपनी पत्नी व बच्चे के साथ घर (छतरपुर) गया था तब उसकी मां व बहन ने राखी तक रूक जाने को कहा था। बिरजू वापस नोएडा अपने काम पर लौट गया और इसी बीच विशनपुरा में हुए इस भीषण घटना में उसकी पत्नी की मौत हो गई।


इसे भगवान की माया ही कहेंगे कि सात महीने का रंजीत इस भीषण हादसे में बाल-बाल बच गया। उसे एक खरोंच भी नहीं आई। बिरजू अपने परिवार के साथ विशनपुरा में ढाई सौ रुपए प्रति माह देकर रहता है। पेशेवर कारपेंटर बिरजू जब अपनी पत्नी के साथ खाना खाकर सोने ज रहा था। जब उसे यह पता नहीं था कि कुछ ही पलों में उसकी पत्नी उससे इतना दूर हो जाएगी कि वापस कभी नहीं आएगी।


दीवार गिरने से बिरजू की पत्नी ममता की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। संयोग देखिए कि सात महीने के रंजीत को कुछ नहीं हुआ। बिरजू जिला अस्पताल में भर्ती है। मंगलवार सुबह जब उसे होश आया तो पत्नी की मौत की खबर सुनकर वह दहाड़ मारने लगा, लेकिन बच्चे को देखकर उसका गम कुछ हल्का हुआ। बिरजू को अफसोस है कि अगर मां और बहन की बात मान लेता तो मेरे बच्चे के सिर से मां का आंचल नहीं हटता।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:राखी के लिए रुकते तो नहीं छिनता मां का आंचल