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किसानों ने ठुकराई वार्ता की पेशकश,जारी रहा आंदोलन

बाजार रेट पर मुआवज न मिलने तक ईस्टर्न पैरीफरेल के विरोध में अड़े किसानों ने प्रशासन के साथ वार्ता की पेशकश ठुकरा दी है। उनकी मांग है कि जब तक प्रशासन लिखित में मांगे नहीं स्वीकारेगा, आंदोलन जरी रहेगा।
सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश की वजह से कलेक्ट्रेट में धरना दे रहे दुहाई गांव के किसानों के सामने काफी मुश्किलें पैदा हो गई है, मगर वे अपने कदम पीछे खींचने को तैयार नही हैं। बारिश के कारण किसानों को बैठने तक में दिक्कत हो रही है। फिर भी उनके हौंसले बुलंद है। सबके सब किसान कलेक्ट्रेट में ही खुले आसामान के नीचे सो रहे हैं। वहीं खाना बना रहे हैं। धरने पर बैठने में वालों में ज्यादातर बुजुर्ग हैं।


प्रदर्शनकारी किसानों की अगुआई कर रहे किसान नेता सुबोध शर्मा ने फिर कहा कि जब तक दूसरे ग्रामों की तरह दुहाई के लोगों को भी बाजर रेट का मुआवज नहीं दिया जएगा, किसान किसी सूरत में एक्सप्रेस वे नहीं बनने देंगे। किसानों की मांग दुहाई गांव के पास एक्सप्रेस वे को मोड़ने की भी है, ताकि रास्ते में आ रहे मकान, दुकान, शमशान भूमि और मंदिर सुरक्षित रहें।


किसानों के धरने का मंगलवार को दूसरा दिन था। प्रशासन ने पिछली बार की तरह किसानों को बातचीत कर मनाने की कोशिश की मगर प्रदर्शनकारी इसके लिए तैयार नहीं हुए। अफसरों से साफ कह दिया गया है कि यह आंदोलन तभी खत्म होगा, जब प्रशासन किसानों की सभी मांगें मान लेगा।

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