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बैसाखी के सहारे पेट की चिंता

हादसे में पांच घायलों की जिंदगी अब कई महीनों के लिए बैसाखी के सहारे हो गई है। अपनों को हादसे में गवां चुके इन घायलों को अपनी रोजी रोटी की चिंता है, जिसके लिए अब ये काम करने के काबिल नहीं रहे हैं। अस्पताल के आर्थोपैडिक सजर्न डॉ. शेखर यादव ने बताया कि संतोष के कूल्हे में फ्रैक्चर हो गया है। नेक्सीराम के भी कूल्हे में ही फ्रैक्चर है। बिरजू की जंघ की हड्डी टूट गई है और कालकादीन के पैर की हड्डी टूटी है। घायल रूपा की जांच और हाथ की हड्डी टूट गई है। बहुत कोशिश की जाए तो भी यह सभी मरीज कई महीनों तक काम नहीं कर सकते। कबाड़ी के दुकान पर काम कर गुजरा चलाने वाले नेक्सीराम ने कहा कि अब परिवार का पेट कैसे भरेगा, यह चिंता खाए जा रही है।

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