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भारतीय संस्कृति पर आघात है सच का सामना

स्टार प्लस पर प्रसारित रिएलिटी शो सच का सामना नगरवासियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। शो में प्रतिभागियों से बेहद सनसनीखेज और व्यक्तिगत प्रश्न पूछे जाने के कारण कुछ लोग इसे संस्कृति पर गहरा आघात मानते हैं जबकि कुछ लोग केवल मनोरंजन का साधन समझकर इसे इंज्वाय कर रहे हैं।

रियेलिटी शो सच का सामना में प्रतिभागी बन कर आए सेलिब्रिटीज से पूछे गये कई व्यक्तिगत और सनसनीखेज सवाल नगरवासियों को पसंद नहीं आ रहे हैं। हालांकि कुछ लोग तो इसे चटपटा और मसालेदार शो मानकर आनंद उठा रहे हैं।

परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर शशि श्रोत्रिय ने शो में व्यक्तिगत प्रश्न पूछे जाने को गलत बताया। उनका कहना है कि कई बार जाने अनजाने व्यक्ति से भूल हो जाती है लेकिन ऐसी बातों को पैसे के दम पर सार्वजनिक करने से उनके पारिवारिक रिश्तों में खटास पैदा हो सकती है।

कनखल निवासी पूजा जयसिंह इस शो की नियमित दर्शक हैं। मानती हैं कि लोग सनसनीखेज और मसालेदार शोज ही पसंद करते हैं इसलिये इसकी शो की टीआरपी बढ़ रही है। उनका कहना है कि लोग भी तब तक प्रतिभागियों के धमाकेदार सच को इंज्वाय करते हैं जब तक कोई अपना व्यक्ति उस शो का हिस्सा न बना हो।

राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष संतोष चौहान के मुताबिक शो को लोकप्रिय बनाने के लिये प्रतिभागियों से पूछे जाने वाले प्रश्न समाज पर गलत असर डाल रहे हैं। उत्तराखंड संयुक्त राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी जेपी चाहर के मुताबिक यह शो समाज में अश्लीलता फैला रहा है जिसे प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिये।

उधर भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ ने भी इस रियालिटी शो का कड़ा विरोध किया। मंडल संयोजक सन्नीपंवार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सनसनी पैदा करने के कारण भारतीय संस्कृति पर आघात है। सहसंयोजक सतीश सेंतवाल के मुताबिक पारिवारिक सदस्यों के सामने ही पैसे का लालच देकर अश्लील सवाल किये जा रहे हैं जिससे उनके जीवन के साथ भारतीय पंरपरा पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने इसका प्रसारण बंद करवाए जाने की मांग की।

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