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विधायक व सभासद की गिरफ्तारी पर अफसर, कर्मचारी अड़े

सपा विधायक एवं एडीएम के बीच मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कलेक्ट्रेट,विकास भवन, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, तहसील, ब्लाक तक के अधिकारी-कर्मचारियों का गुस्सा भड़क उठा और आरोपित विधायक व सभासद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वे सड़क पर उतर गए।

सरकारी कार्यालयों में मंगलवार को अभूतपूर्व बंदी रही। पीसीएस एसोसिएशन ने बांह पर काली पट्टी बांधी और पुलिस प्रशासन से दो टूक कहा कि विधायक को किसी कीमत पर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इस घटना की पूर्वाचल के सभी जिलों के पीसीएस अफसरों ने कड़ी निन्दा की। कई जिलों में अफसरों ने कार्य बहिष्कार भी किया।उधर वकीलों ने भी प्रशासन के साथ सहानुभूति दिखायी और काम से विरत रहकर अपना समर्थन व्यक्त किया। उधर आरोपित विधायक अब्दुल समद रात से ही भूमिगत हो गए हैं।

चर्चा रही कि वह घटना के कुछ देर बाद ही लखनऊ कूच कर गए। सपा सभासद मनोज राय धूपचंडी भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं लेकिन उनके भाई को हिरासत में ले लिया गया है। मनोज के पिता केदारनाथ राय ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सपा की बैठक में उल्टे प्रशासन पर उत्पीड़न की कार्रवाई का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि वे सड़क पर उतर कर आंदोलन चलाएंगे।

वाराणसी की घटना के विरोध में मिर्जापुर और आजमगढ़ में पीसीएस संवर्ग के अफसरों और कलेक्ट्रेट कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। आजमगढ़ में तो सभी लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। सोनभद्र, भदोही, जौनपुर, मऊ और बलिया में अफसरों ने घटना की निन्दा करते हुए आरोपित विधायक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। गाजीपुर और चंदौली जिले में पीसीएस अफसरों ने कोई प्रतिक्रिया नहीन व्यक्त की।

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