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ऑस्ट्रेलियाः पायलट बनने गए भारतीय छात्रों से धोखाधड़ी

ऑस्ट्रेलियाः पायलट बनने गए भारतीय छात्रों से धोखाधड़ी

पायलट बनने की चाह लेकर सिडनी के विमानन कालेज में प्रशिक्षण लेने गए भारतीय छात्र धोखाधड़ी का शिकार बन गए हैं। हजारों डालर खर्च करने के बाद भी उनका कमर्शल पायलट का लाइसेंस लेने का ख्वाब पूरा नहीं हो पाया है।

छात्रों के साथ धोखाधड़ी के इस मामले का खुलासा एबीसी टीवी चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम फोर कार्नर्स के कारण हो पाया है। चैनल ने दिखाया है कि किस तरह माइग्रेशन और एजुकेशन एजेंट कमर्शल पायलट का प्रशिक्षण देने वाले सिडनी के एयरोस्पेस एविएशन कालेज के भारतीय छात्रों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।

भारत में नागरिक विमानन क्षेत्र बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस वजह से देश में पायलटों की भारी मांग है। पायलट का लाइसेंस लेने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय छात्र विदेशों का रुख कर रहे हैं।

इस टीवी कार्यक्रम में आरोप लगाया गया है कि कालेज द्वारा विदेशी छात्रों का शोषण किया जा रहा है। इसके अलावा भारतीय छात्रों के साथ दुव्र्यवहार किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

कमर्शल पायलट का लाइसेंस लेने के इच्छुक छात्रों से 43,500 डालर लिए गए हैं। एयरोस्पेस एविएशन कालेज को छात्रों को 52 सप्ताह में कम से कम 200 घंटे की उड़ान कराना अनिवार्य है।

कई छात्रों का आरोप है कि सुविधाओं की कमी और इंस्ट्रक्टर के अभाव में उन्हें उड़ान के पूरे घंटे नहीं दिए गए हैं। एयरोस्पेस एविएशन कालेज के छात्र सुरेंद्र इगलापति ने आरोप लगाया कि 18 माह के दौरान उसे सिर्फ 130 घंटे ही विमान उड़ाने का मौका मिल पाया है।

कालेज के पूर्व छात्र स्काट एलेक्स ने कहा कि जिस तरह से भारतीय छात्रों के साथ व्यवहार किया जाता है, उसे देखकर वह काफी परेशान हंै। एलेक्स ने कहा कि जिस तरह से उनसे बात की जाती है, उनके साथ जैसा व्यवहार किया जाता है, वह काफी अपमानजनक है।

इस तरह का कोई उदाहरण दिए जाने के सवाल पर एलेक्स ने बताया कि इंस्ट्रक्टर करी खाने वाले भारतीय छात्रों के साथ उड़ान भरना पसंद नहीं करते हैं। मुझे एक घटना याद है जिसमें परिचालन प्रबंधक ने भारतीय छात्र को धक्का दिया था।

दिलचस्प तथ्य यह है कि टीवी पर इस कार्यक्रम के प्रसारण के बाद भारतीय माइग्रेशन एजेंट के कार्यालय पर छापा मारा गया, जिसके बारे में आस्टेþलियाई पुलिस का कहना है कि वह छात्रों को जाली दस्तावेज उपलब्ध कराता है। लेकिन आस्ट्रेलियाई दंपति स्यू और जेन डेविस जो एयरोस्पेस एविएशन का संचालन करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई को कोई खबर नहीं है।

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