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मैट्रो निर्माण: दूसरे चरण के 18 खंबों में दरार

मैट्रो निर्माण: दूसरे चरण के 18 खंबों में दरार


दिल्ली मेट्रो निर्माण के दूसरे चरण की निर्माणाधीन लाइनों पर कुल मिलाकर 18 खंबों में दरारे हैं। केंद्रीय सचिवालय-गुड़गांव कॉरीडोर और केंद्रीय सचिवालय-बदरपुर कॉरीडोर पर आठ-आठ और नोएडा कॉरीडोर पर दो खंबों में दरारें हैं। नोएडा लाइन की दरारों का निरीक्षण खुद मेट्रो निदेशक ई श्रीधरन ने किया।

उन्होंने कहा, ‘दोनों खंबों की दरारें बाल बराबर और सतही हैं तथा इससे उनकी क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन फिर भी हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।’ दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने खुद स्वीकार किया है कि दूसरे चरण के तीन कॉरीडोरों में कुल मिलाकर 18 खंभों में क्रैक हैं।

दरअसल जमरूदपुर हादसे के बाद सावधानी के तौर पर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक डा. ई. श्रीधरन ने मेट्रो इंजीनियरों को सभी लाइनों के सभी खंभों का निरीक्षण करने को कहा था ताकि दरारों के बारे में सही जानकारी मिल सके। निरीक्षण के दौरान इंजीनियरों ने कुल 18 खंभों में क्रैक पाए। इंजीनियरों के अनुसार, ये सभी बारीक (हेयरलाइन) क्रैक हैं जिनका संरचना पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होने वाला है।

इंडियन स्टैंडर्ड कोड्स फॉर डिजाइन ऑफ रेनफोर्स्ड कंक्रीट स्ट्रक्चर्स एक सीमा में टेंशन क्रैक की अनुमति देता है। इससे कोई घबराने वाली बात नहीं है। खंबों में हेयरलाइन क्रैक एक साधारण बात होती है। इसके बावजूद श्रीधरन ने फेज दो की तमाम संरचनाओं की जांच के लिए लगाए शिरिश पटेल एंड एसोसिएट को इन 18 खंबों के डिजाइन की फिर से जांच करने को कहा है।

अगर जांच में कुछ भी कमजोर बिन्दु निकलकर सामने आते हैं तो उनको हर कीमत पर दूर किया जाएगा। मेट्रो सूत्रों के मुताबिक ,किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं रहे इसके लिए कंक्रीट की मजबूती और गुणवत्ता की जांच के लिए अल्ट्रासोनिक व रिबाउंड हैमर टेस्टिंग की जाएगी।

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