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गुर्जर आरक्षणः राज्यपाल व सरकार पर टिकी निगाहें

गुर्जर आरक्षणः राज्यपाल व सरकार पर टिकी निगाहें

राजस्थान के राज्यपाल एसके सिंह के सोमवार को जयपुर पहुंचने और आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर सरकार से बातचीत के लिए कर्नल किरोडी सिंह बैंसला के जयपुर आने के लिए राजी होने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है।

वहीं, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के विधायक राज्यपाल के पास विचाराधीन आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल की मंजूरी की मांग को लेकर सदन स्थगित होने के बावजूद सदन में धरना दिए बैठे है। भाजपा विधायक दल के उप नेता घनश्याम तिवाड़ी के अनुसार यह धरना मंगलवार सुबह तक जारी रहेगा।

राज्यपाल एसके सिंह के जयपुर पंहुचने के कुछ देर बाद ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री करीब एक घंटे तक राजभवन में रहे। आरक्षण विधेयक को लेकर सोमवार को राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष भाजपा सदस्यों ने अभूतपूर्व हंगामा किया। प्रतिपक्ष सदस्यों ने अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत के आदेश पर सदन में आए सुरक्षाकर्मियों के साथ काफी देर तक धक्का मुक्की की, रिपोर्टर की टेबल पर चढ़ कर नारेबाजी की और अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत के हाथ से पन्ने खींच लिए और उनके आसन पर लगे माइक को मोड़ दिया।

प्रतिपक्ष सदस्यों के तेवर को देखते हुए मार्शल और सुरक्षाकर्मी सुरक्षा की दृष्टि से अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत के आसन के आगे दीवार बन कर खड़े रहे। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजर्रों को पिछड़ा वर्ग की विशेष श्रेणी में पांच प्रतिशत आरक्षण पर सैद्वान्तिक सहमति व्यक्त करते हुए आज कहा है कि आरक्षण का मामला कानून एवं संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही पूरा हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पूर्व सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ों को चौदह प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला मंत्रिमंडल में कर तत्कालीन राजग सरकार के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पत्र लिखकर संविधान में संशोधन का आग्रह किया था। वाजपेयी सरकार ने इसके लिए आयोग का गठन किया इसके बाद संप्रग सरकार ने नए सिरे से आयोग गठित किया है। उन्होनें कहा कि आर्थिक आरक्षण का मसला एक राज्य का नहीं होकर पूरे देश का है।

वहीं, भाजपा विधायक दल के उप नेता घनश्याम तिवाड़ी ने कहा है कि भाजपा राज्यपाल के पास विचाराधीन आरक्षण विधेयक में किसी भी तरह के संशोधन को मंजूर नहीं करेगी। उन्होने कहा कि विधायक दल की मंगलवार सुबह होने वाली बैठक में अगली रणनीति पर विचार कर फैसला किया जाएगा।

भाजपा के नेता कर्नल किरोडी सिंह बैंसला ने राज्यपाल के पास एक साल से विचाराधीन आरक्षण विधेयक पर मंजूरी की मांग को लेकर रविवार को करौली जिले के पेंचला में महापंचायत की। कर्नल बैंसला ने महापंचायत में विधेयक पर मंजूरी के लिए सरकार को चौबीस घंटे का अल्टीमेटम देते हुए सरकार को सकारात्मक रूख नहीं आने पर सोमवार शाम कूच करने की घोषणा की थी लेकिन तय समय सीमा समाप्त होने से पहले ही कर्नल के बातचीत के लिए जयपुर आने को राजी होने से संभावित टकराव टल गया।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार कर्नल बैंसला के मंगलवार सुबह तक जयपुर आने और राज्य सरकार के साथ आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर वार्ता शुरू होने की उम्मीद है। कर्नल बैंसला ने कहा कि मैं सरकार से बातचीत करने के लिए जल्दी जयपुर पहुंच रहा हूं लेकिन वार्ता मंगलवार को ही होगी। कर्नल बैंसला ने कहा कि मेरी वार्ता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से होगी। उन्होने कहा कि यदि संभव हुआ तो मैं राज्यपाल से भी भेंट कर सकता हूं। उन्होने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि महापड़ाव मेरे पुन: पेंचला पंहुचने तक जारी रहेगा।

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