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कमाई साइबर कैफे से

आधुनिक समय में कंप्यूटर हर व्यक्ति की जरूरत बन गया है। छोटे-बड़े ऑफिसों से लेकर मिठाई की दुकानों के काम-काज भी कंप्यूटर के माध्यम से हो रहे हैं। फिर जरूरी नहीं कि सबके पास कंप्यूटर या इंटरनेट की सुविधा हो। इसको पूरा करने के लिए जरूरत पड़ती है साइबर कैफे की जहां कुछ व्यय कर अपना काम किया जा सकता है। साइबर कैफों की दुकानों पर लगी भीड़ इसकी गवाह हैं कि यह स्वरोजगार कितनी कमाई कर रहा है। रमेश ठाकुर की रिपोर्ट -

कैसे होती है कमाई
कंप्यूटर स्वरोजगार आज कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है। अगर आपके पास महज दो कमरों का भी स्पेस है तो आप कंप्यूटर कैफे संचालित कर सकते हैं। दो कमरों में तकरीबन 10-15 कंप्यूटर सिस्टम लगाए जा सकते हैं। कमाई के लिहाज से एक घंटे में आपके पास 15 ग्राहक आएंगे जिसमें प्रति घंटे का शुल्क 20 से 30 रु. तक होता है। यानी एक घंटे में आपने 300 रु. कमा लिए। इस तरह आपका व्यवसाय प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक चलता रहता है। यह ऐसा स्वरोजगार जिसमें दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी ही होती रहती है। इन 15 कंप्यूटरों से लगभग 30 हजार रु. तक कमाया जा सकता है सभी खर्च निकाल कर।

ग्राहक
इसमें आपके छोटे बच्चों से लेकर हर उम्र के व्यक्ति आएंगे। छोटे बच्चों में आजकल कंप्यूटर गेम खेलने का क्रेज बहुत ज्यादा है। अधिकतर देखने में आता है कि 6 से 12 साल के बच्चे कैफे में घंटों तक कंप्यूटर से चिपके रहते हैं। स्कूली बच्चे अपने कोर्स से संबंधित जनकारी खोजने कैफों पर आते रहते हैं। ऑफिस के लोग अपने काम-काज के चलते कंप्यूटर पर काम करने आते रहते हैं। यह काम सबसे ज्यादा शाम के 8 बजे से 11 बजे तक ज्यादा चलता है क्योंकि लोग उस समय अपने ऑफिस या काम से फ्री हो जते हैं। उस समय वह दोस्तों अपने सगे-संबंधी या रिश्तेदारों से चै¨टग करते हैं।

जगह का चुनाव करना
कैफे संचालित करने के लिए जरूरी नहीं आपको किसी विशेष जगह की तलाश करनी पड़े। यह स्वरोजगार आप अपने घर में ही शुरू कर सकते हैं। शहर की छोटी-छोटी कंकरीट तंग गलियों में आज-कल कंप्यूटर कैफे देखे जा सकते हैं। पर हां, अगर बड़ी बाजार जैसे दिल्ली के कनॉट प्लेस में कैफे स्थापित करते हैं तो वहां प्रति घंटे का चार्ज 50 से 60 रु. के बीच में लिया जाता है जबकि छोटी जगहों पर कम लिया जाता है।

जरूरी चीजें
जहां आप यह स्वरोजगार शुरू करते हैं उस जगह का फर्नीचर आधुनिक होना चाहिए, कमरों में लाइट और पंखों की व्यवस्था होनी चाहिए। जेनरेटर की भी सुविधा होनी चाहिए ताकि बिजली जाने पर आपके कमाई पर ब्रेक न लगे। हर कंप्यूटर की ट्रॉली होनी चाहिए और बॉक्स की उचित सुविधा रखनी जरूरी होती है जिसमें ग्राहक बैठकर इंटरनेट की जानकारी ले सकें। आज के वक्त में सबसे ज्यादा जरूरी है सीसीटीवी के कैमरे जो कैफे के अंदर जरूर होने चाहिए, ताकि कोई अनहोनी न हो। एक रजिस्टर होना चाहिए जिसमें प्रतिदिन के ग्राहकों का पूरा ब्योरा (नाम-पता) होना चाहिए।

कानूनी प्रावधान
कैफे संचालित करने के लिए पंजीकरण की आवश्यकता होती है और आपके हर उस नेटयूजर की प्रोफाइल होनी चाहिए जो आपके कैफे को यूज करके जा रहा है। पिछले कुछ वर्षो में कैफे के आड़ में काफी आतंकी घटनाएं हुई हैं। दिल्ली पुलिस ने सभी कैफे संचालकों को दिशा-निर्देश दिए हैं कि वह अपने ग्राहकों के पहचान प्रूफ जमा करे। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उसे यह व्यवसाय नहीं करने दिया जाएगा। सुरक्षा के चलते ऐसे कई प्रावधान किए गए हैं क्योंकि ऐसे कानून सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी होते हैं। इसलिए अब सभी कैफे मालिकों को स्थानीय पुलिस को अपने काम का ब्योरा देना पड़ता है।

कंप्यूटर की जानकारी
कंप्यूटर क्रांति की मौजूदा वक्त में लहर है। कैफे स्वरोजगार शुरू करने के लिए आपके पास कंप्यूटर का पारंपरिक ज्ञान का होना जरूरी है, कोई ग्राहक अगर आपसे कुछ पूछता है तो आपको बताना भी पड़ेगा। कंप्यूटर में कुछ खराबी आ जाती है तो उसे तुरंत ठीक भी करना भी आपका काम है।

यहां से सीखें हुनर
कंप्यूटर ज्ञान के लिए कई संस्थान हैं जहां से आप प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। कंप्यूटर सिखाने के जितने भी निजी संस्थान हैं, वह शिक्षा देने में औरों से अग्रणीय साबित हो रहे हैं। कुछ संस्थान इस प्रकार हैं -
-जेट¨कग, 14/अ33 ६४ीं
चन्ना मार्केट, करोल बाग नई दिल्ली
फोन नं. (011) 25760602

-अरिहंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनिय¨रग एंड टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद, यू.पी.
website - www. aietindia. org

-बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मिसरा, रांची, झारखंड
ल्लएक्जक्यूएल इंटरनेशल, 13 इंफो सिटी, हैदराबाद

 

 

 

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