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बीस लाख तक के घरों पर घटा ब्याज

बीस लाख तक के घरों पर घटा ब्याज

मंदी से जूझ रही घरेलू अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने 20 लाख रुपये तक के मकानों पर बैंक लोन की ब्याज दर में एक फीसदी की छूट घोषित की है। साल भर के लिए उपलब्ध यह छूट अधिकतम 10 लाख रुपये तक के लोन पर हासिल होगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा, सड़क और  शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए भी इनकम टैक्स में छूट की भी घोषणा की है। औद्योगिक पाकों के लिए हासिल इनकम टैक्स छूट की अवधि को दो साल के और आगे बढ़ा दिया गया है।

अर्थव्यवस्था के इन नए प्रोत्साहनों की घोषणा वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने लोक सभा में वित्त विधेयक पर लगभग छह घंटे तक चली चर्चा का जवाब देते हुए की। वित्त मंत्री के जवाब के साथ वित्त विधेयक लोक सभा से पारित हो गया। उन्होंने कहा कि ये नये प्रोत्साहन उपाय अर्थव्यवस्था को कठिन दौर से उबारने के लिए किए जा रहे हैं।

हाउस लोन पर ब्याज दर में एक फीसदी की छूट से सरकार पर 1000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ आएगा। यह कदम छोटे फ्लैटों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है ताकि छोटी आय वाले इससे लाभान्वित हो सकें और देश में सस्ते फ्लैट बनने को प्रोत्साहित किया जा सके। इससे रोजगार भी बढ़ेगा। यह छूट 20 लाख तक फ्लैट अथवा आवासीय परिसंपत्ति पर होगी और यह अधिकतम 10 लाख रुपये तक के लोन पर हासिल होगी।

वहीं दूसरी ओर देश में टाउनशिप परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने पहली अप्रैल, 2007 से 31 मार्च, 2008 के बीच मंजूर हुई परियोजनाओं पर होने वाले लाभ पर इनकम टैक्स छूट देने की घोषणा की है, बशर्ते कि ये परियोजनायें 31 मार्च, 2012 तक या इससे पहले पूरी हों। इन उपायों से फ्लैटों की कीमत करने में मदद मिलेगी और कम आय वालों को अपना आशियाना भी आसानी से हासिल हो सकेगा।

दूसरी ओर वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था में जान-फूंकने के लिहाज से कई टैक्स प्रोत्साहनों की भी घोषणा की है। इनके तहत जहां एक ओर सड़क रिपेयर और मेंटीनेंस को सर्विस टैक्स से छूट दे दी गई है। गंभीर रूप से शारीरिक तौर पर अक्षम लोगों के लिए इनकम टैक्स छूट सीमा 75 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है। इसके साथ ही कानूनी संरक्षकों यानी गाजिर्यन को भी बच्चों के लिए उच्च शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल एजुकेशन) लोन पर टैक्स की अनुमति दे दी गई है।

उन्होंने कहा कि बजट में सर्विस टैक्स में हुये सभी बदलावों और नई सेवाओं पर इसे लागू करने संबंधित घोषणाओं पर केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) पहली सितंबर को अधिसूचना जारी करेगा।नये प्रोत्साहनों के जरिए वित्त मंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) क्षेत्र को टैक्स में छूट देने की घोषणा की है। इनमें डेयरी उत्पाद, पोल्ट्री और मीट उद्योगों को शामिल किया गया है। पहले से चल रही औद्योगिक पार्क स्कीम को मिल रही टैक्स छूट को दो साल के और आगे बढ़ाते हुये इसे 31 मार्च, वर्ष 2011 तक के लिए कर दिया गया है।

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