अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

होमगार्डों का विधान भवन पर धरना

माँगें पूरी नहीं होने से नाराज होमगार्डो ने पाँच घण्टे तक विधान भवन मार्ग जाम रखा। गर्मी की वजह से  तीन होमगार्ड बेहोश भी हो गए। फिर भी होमगार्ड टस से मस नहीं हुए, आखिर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद (तिवारी गुट) के अध्यक्ष ने मांगे पूरी कराने का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। इस दौरान शहर का यातायात अस्त-व्यस्त हो गया।

होमगार्ड चार दिनों से आमरण अनशन पर हैं। माँगों को लेकर वह इसके पहले गुजरे साल चार नवम्बर, छह फरवरी, को आमरण अनशन कर चुके हैं। उस समय डीजीपी और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शैलेश कृष्ण ने उनकी माँगों को 15 से 45 दिन में पूरा करने का भरोसा दिया था, पर समस्या बनी रही।

इससे नाराज होमगाडरें का का जत्था 27 जुलाई को चारबाग से और दूसरा जत्था महानगर से भीख माँगते हुए विधान भवन के सामने करीब 11 बजे पहुँचा, धरना स्थल पर पहले से मौजूद होमगार्ड उनके साथ हो लिए। इन लोगों ने विधान भवन मार्ग जाम कर दिया। वहीं धरने पर बैठ गए। इसके चलते रॉयल होटल चौराहे से लेकर हजरतगंज चौराहे का यातायात पूरी तरह बंद हो गया।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने होमगार्डो को कई बार समझया और उन्हें जाम खत्म करने को कहा, लेकिन हर बार वह विफल रहे। यहाँ तक की होमगाडरेँ ने अपने अध्यक्ष की बात को भी अनसुना कर दिया। पौने चार बजे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एसपी तिवारी वहाँ पहुँचे।

उन्होंने होमगार्डो को समझ कर जाम खत्म कराया। उ.प्र. होमगार्ड अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. आजम और महामंत्री मुजीब अंसारी ने कहा कि सरकार होमगार्डो को 12 माह ड्यूटी दें। बर्खास्त होमगाडरे को बहाल करें। उन्हें नियमित किया जाए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:होमगार्डों का विधान भवन पर धरना