अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

क्रिकेट के हर फन में माहिर थे सोबर्स

क्रिकेट के हर फन में माहिर थे सोबर्स

बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दम पर लंबे समय तक विरोधी खिलाड़ियों के जेहन में राज करने वाले वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी सर गारफील्ड सोबर्स सही मायने में टेस्ट क्रिकेट के संपूर्ण आलराउंडर थे।

बारबाडोस के सेंट माइकल में 28 जुलाई, 1936 को जन्में सोबर्स बाएं हाथ के बल्लेबाज के अलावा बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी और बाएं हाथ से स्पिन के अलावा चाइनामेन गेंदबाजी करने में भी सक्षम से जबकि उन्होंने अपने क्षेत्ररक्षण का भी लोहा मनवाया। वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट में 57.78 की बेहतरीन औसत से 8032 रन बनाने के अलावा उन्होंने 34.03 की औसत से 235 विकेट भी चटकाए जो उन्हें क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल आलराउंडर बनाता है। उनके नाम 26 शतक और 30 अर्धशतक दर्ज हैं। उन्होंने प्रथम श्रेणी में भी 383 मैचों में 54.87 की औसत से 28 हजार से अधिक रन बनाए।

सोबर्स के समकालीन महान क्रिकेटरों ने भी इस दिग्गज की क्षमता को सराहा। आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिची बेनो ने उन्हें वर्ल्ड क्रिकेट का महानतम आलराउंडर करार देते हुए कहा कि वह बेजोड़ बल्लेबाज, बेहतरीन क्षेत्ररक्षक और असाधारण कौशल का धनी गेंदबाज है, फिर चाहे नई गेंद से गेंदबाजी की बात हो या फिर बाएं हाथ की आर्थोडाक्स स्पिन या फिर रिस्ट स्पिन।

सोबर्स के धुर विरोधी रहे इंग्लैंड के फ्रेड ट्रूमैन ने उन्हें बाद में बाएं हाथ का बेजोड़ बल्लेबाज कहा जो खेल से जुड़ने वाले महानतम क्रिकेटरों में से एक है और निश्चित तौर पर महानतम आलराउंडर है। सोबर्स बेजोड़ एथलीट थे और उन्होंने बारबडोस के लिए क्रिकेट के अलावा गोल्फ, फुटबाल और बास्केटबाल भी खेली।

गेंदबाज के रूप में शुरुआत करने वाले सोबर्स ने मात्र 16 बरस की उम्र में प्रथम श्रेणी खेला और इसके एक साल बाद मार्च 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट कैरियर की शुरुआत की। वेस्टइंडीज के इस दिग्गज बल्लेबाज ने अपने कैरियर के दौरान कई रिकार्ड बनाए जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन की पारी भी शामिल है जो लंबे समय तक सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत टेस्ट पारी रही।
 

सोबर्स की उपलब्धियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। उन्होंने सबको अपनी कौशल से भरी बल्लेबाजी का कायल ही नहीं बनाया बल्कि आक्रामक बल्लेबाजी को भी नई बुलंदियों तक पहुंचाया। पांच फुट 11 इंच लंबा यह खिलाड़ी प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के जड़ने वाला पहला बल्लेबाज भी बना। उन्होंने इंग्लिश काउंटी में नाटिंघमशर की ओर से ग्लेमोर्गन के खिलाफ खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने मैल्कम नैश की गेंद को एक ही ओवर में छह बार सीमारेखा के बाहर भेजा। इसके साथ ही उन्होंने एक ओवर में 36 रन बनाकर सर्वाधिक 34 रन के 57 साल पुराने पिछले रिकार्ड को भी तोड़ा। बाद में भारतीय बल्लेबाज रवि शास्त्री ने बड़ौदा के खिलाफ बंबई की ओर से खेलते हुए सोबर्स के कारनामे की बराबरी की।

वैश्विक स्तर पर भी सोबर्स की उपलब्धियों को सराहा गया और क्रिकेट के प्रति उनके योगदान को देखते हुए फरवरी 1975 में ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथद्वितीय ने उन्हें नाइटहुड से सम्मानित किया। सोबर्स को 1964 में विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर और 2000 में विजडन क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी चुना गया जबकि 1998 में प्रधानमंत्री ओवेन आर्थर ने उन्हें नेशनल हीरो आफ बारबाडोस बनाया।

वर्ष 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने सर गारफील्ड सोबर्स ट्राफी का अनावरण किया जिसे आईसीसी हर वर्ष अपने साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर को देता है। इस ट्राफी के लिए सोबर्स के नाम की सिफारिश रिची बेनो, सुनील गावस्कर और माइकल होल्डिंग के पैनल ने की जिन्हें आईसीसी ने ऐसे शख्स का नाम चुनने की जिम्मेदारी सौंपी थी जिसके नाम पर क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत पुरस्कार दिया जा सके।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:क्रिकेट के हर फन में माहिर थे सोबर्स