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मिड डे मील के नमूने न भेजे तो नपेंगे अधिकारी

मिड डे मील में कहीं सूडि़यां निकलती हैं, कहीं खराब खाना खाने से बच्चों की हालत बिगड़ रही है। शासन बार-बार हिदायतें देता रहा है कि डीएम से गांव-गांव बैठे सरकारी कर्मचारी बच्चों को दिए जाने वाले खाने की चैकिंग और उस पर लगातार नजर रखें मगर ऐसा शायद ही कहीं हो रहा हो! जांच के लिए खाने के नमूने तक लिए जा रहे। पिछले साल की यह कहानी इस सत्र में न दोहराई जाए, इसके लिए शासन ने अफसरों के पेंच कसें हैं। नमूने न लिए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी तक दी है।

मिड डे मील प्रोजक्ट पर नजर रख रहे खाद्यान्न प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि स्कूलों में बच्चों को घटिया खाना न मिले, इसकी जवाबदेही सीधे तौर पर डीएम और बीएसए की है। इन अफसरों को हर कीमत पर यह सुनिश्चित करना है कि नीचे के अधिकारी स्कूलों में जाकर मिड डे मील की चेकिंग कर रहे हैं कि नहीं।

सम्बंधित अधिकारियों के लिए जरूरी किया गया है कि वह बीच-बीच में अपने इलाके के स्कूलों में जाकर औचक खाने की चेकिंग करेंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी से समन्वय स्थापित कर स्कूलों में खाद्य निरीक्षकों को भी ले जाएंगे और उनके जरिए नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजेंगे।

पिछले साल खाद्य टीमों ने न के बराबर नमूने लिए थे। इससे जगह-जगह खराब मिड डे मील खिलाने की शिकायतें शासन के पास पहुंचती रही थीं। आगे से यदि कहीं घटिया खाना परोसा जाता मिले तो जिम्मेदार एनजीओ और अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। चैकिंग में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।

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  • Web Title:मिड डे मील के नमूने न भेजे तो नपेंगे अधिकारी