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‘कॉस्ट ऑडिट की अनिवार्यता गैर-चारूरी’

सत्यम कंप्यूटर्स जसे घपलों को रोकने के लिए कॉरपोरट अफेयर्स मंत्रालय की ओर से शुरू की गई मुहिम के तहत कॉस्ट ऑडिट को अनिवार्य की कवायद पर अभी से सवालिया निशान लगने लगे हैं। उद्योग चैंबर फिक्की में कॉरपोरट कानून समिति के चेयरमैन और जाने-माने उद्योगपति सिद्वार्थ बिड़ला के मुताबिक बाजार आधारित (मार्केट ओरियंटेड) व्यवस्था में सरकार की यह कवायद बिलकुल निर्थक है। यह गैर-ारूरी भी है और भविष्य में इससे कोई फायदा भी नहीं मिलने वाला है। यहां कॉरपोरट गवर्नेस पर ग्रांट थॉर्टन व फिक्की की संयुक्त रिपोर्ट पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन के बाद बिड़ला ने हिंदुस्तान के साथ बात करते हुये कहा कि इस समय उत्पाद मूल्य मुक्त बाजार व्यवस्था तय कर रही है। इसलिए कॉस्ट ऑडिट बहुत प्रासंगिक नहीं रह जाती है। साथ ही कॉस्ट ऑडिट को अनिवार्य बनाये जाने के कई गंभीर खतर भी हैं जिन पर अभी तक सरकार ने बिलकुल ध्यान नहीं दिया है।ड्ढr ं

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  • Web Title: ‘कॉस्ट ऑडिट की अनिवार्यता गैर-चारूरी’