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इस हफ्ते सुलझ सकता है स्पेक्ट्रम आंवटन मामला

इस हफ्ते सुलझ सकता है स्पेक्ट्रम आंवटन मामला

स्पेक्ट्रम आवंटन पर मंत्रियों के समूह की शुक्रवार को होने वाली बैठक में इस पेचीदा मसले को सुलझा लिए जाने की संभावना है। संचार मंत्रालय के सूत्रों ने यहां विश्वास जाहिर किया कि बैठक में इस विवादास्पद मसले को सुलझा लिया जाएगा। मंत्रियों के समूह का गठन स्पेक्ट्रम की कीमत और हर संचार सर्किल में आपरेटरों की संख्या से संबंधित मामलों पर विचार करने के लिए किया गया था।

वित्त मंत्रालय ने 3 जी स्पेक्ट्रम का न्यूनतम मूल्य 4040 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया है। दूरसंचार विभाग ने 3540 करोड़ रुपए का सुझाव दिया था। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने 2009-10 का बजट पेश करते हुए कहा था कि स्पेक्ट्रम की नीलामी से 35000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।

संचार राज्यमंत्री सचिन पायलट कह चुके हैं कि स्पेक्ट्रम आवंटन का मामला संसद के मौजूदा सत्र के बाद निपटा लिया जाएगा। मंत्रियों के समूह में संचार मंत्री ए राजा के अलावा कैबिनेट मंत्री पी चिदंबरम, शरद पवार, एके एंटनी, वीरप्पा मोइली और अंबिका सोनी, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया शामिल हैं।

सूत्रों ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के भारत संचार निगम लिमिटेड में सरकार की 10 प्रतिशत भागीदारी के विनिवेश के समय और मूल्य के बारे में वित्त मंत्रालय को फैसला करना है। इस बारे में वित्त और संचार मंत्रालयों के बीच विचार विमर्श पहले ही पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की शुरुआत इस साल के अंत से हो सकती है। इसके बाद उपभोक्ता सेवा देने वाली कंपनी को बदलने के बाद भी ग्राहक अपना पुराना मोबाइल नंबर रख सकेंगे।

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